भारतीय प्रधान मंत्री की चेतावनी

भारतीय प्रधान मंत्री ने एक बार फिर हिन्दुओं से कहा कि वे मुसलमान द्वारा गोवध या गोमांस खाने के बहाने इस देश की सुरक्षा को ख़तरे में न डालें। इसी प्रकार भारतीय प्रधान मंत्री ने राज्य सरकारों से भी उन लोगों के ख़िलाफ़ सख़्ती से निपटने के लिए कहा जो गोवध या गोमांस मांस खाने के बहाने अशांति पैदा कर रहे हैं।

2014 में भारत में हिन्दू राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी के सत्ता में पहुंचते ही आरएसएस जैसे चरपमंथी हिन्दु संगठनों व दलों ने इस देश को हिन्दु राष्ट्र बनाने के लिए अपने एजेन्डे पर काम करना शुरु कर दिया। गोवध या गाय पालने और उसका मांस खाने के नाम पर मुसलमानों सहित अन्य अल्पसंख्यकों पर हमला और मुसलमानों का धर्मान्तरण करने की कोशिश, हालिया वर्षों में चरमपंथी हिन्दुओं की योजना रही है, जिसका भारत के मुस्लिम समुदाय ने कड़ा विरोध किया।

चरमपंथी संगठन आरएसएस की मध्यमार्गी कहलाने वाली पार्टी बीजेपी के हाथ में केन्द्र की सरकार है और इस पार्टी में मौजूद चरमपंथी हिन्दु सत्ता को मुसलमानों पर दबाव डालने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। हालांकि मुसलमानों का भारत की स्वाधीनता और उसके बाद इस देश की वैज्ञानिक व औद्योगिक प्रगति में बड़ा योगदान रहा है। यही कारण है कि अब तक मुसलमानों ने चरमपंथी हिन्दुओं की ओर से यातना पर धैर्य का परिचय दिया है ताकि भारत की राष्ट्रीय एकता को नुक़सान न पहुंचे। लेकिन इसके साथ ही भारतीय मुसलमानों की नरेंद्र मोदी सरकार से अपेक्षा है कि वह अपने चुनावी वादे को पूरा करे और चरमपंथी हिन्दुओं के ख़िलाफ़ कड़ाई से निपटे। नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान कहा था कि उनका विश्वास है कि आधुनिक भारत में सांप्रदायिकता व भेदभाव का कोई स्थान नहीं होगा।

इस बात के मद्देनज़र कि भारत में हर धर्म, जाति व संप्रदाय के लोग एक दूसरे के साथ शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करते आए हैं, नई दिल्ली सरकार को चाहिए कि वह उन मुट्ठी भर चरमपंथी हिन्दुओं को इस बात की इजाज़त न दे कि वे विभिन्न बहानों से इस देश की जनता के सुकून से खिलवाड़ करें। (MAQ/N)

 

Jul १७, २०१७ १८:०४ Asia/Kolkata
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