• जेकेएलएफ़ प्रमुख यासीन मलिक (बाएं) सय्यद अली शाह गीलानी (बीच में) और मीर वाएज़ उमर फ़ारूक (दाएं)
    जेकेएलएफ़ प्रमुख यासीन मलिक (बाएं) सय्यद अली शाह गीलानी (बीच में) और मीर वाएज़ उमर फ़ारूक (दाएं)

भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादी दलों के सबसे बड़े गठबंधन ज्वाइंट रेज़िस्टेन्स फ़ोरम ने भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान को रद्द किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह कश्मीर में सभी पक्षों से बातचीत के लिए तय्यार हैं।

संवाददाता के अनुसार, ज्वाइंट रेज़िस्टेन्स फ़ोरम ने श्रीनगर में एक बयान में कहा कि हम भारत से यह बात बल देकर कह रहे हैं कि जब तक कश्मीर को एक विवाद स्वीकार नहीं करते हैं तब तक उनसे कोई बातचीत नहीं होगी। इस फ़ोरम ने कहा कि जब तक नई दिल्ली अपनी सोच में बदलाव नहीं लाता तब तक कश्मीर की स्थिति ज्यों की त्यों बनी रहेगी।  ज्वाइंट रेज़िस्टेन्स फ़ोरम ने कहा कि एनआईए के छापे सहित दूसरे तरीक़े से अलगाववादी अभियान को कमज़ोर करने के हथकंडों से हम धौंस में आने वाले नहीं है।

सय्यद अली शाह गीलानी, मीरवाएज़ उमर फ़ारूक़ और मोहम्मद यासीन मलिक ने इस संयुक्त बयान में कहा है कि हम वार्ता के ख़िलाफ़ नहीं हैं लेकिन वार्ता कश्मीर से संबंधित हो और भारत को पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि कश्मीर एक विवाद है और अगर भारत ने यह स्वीकार कर लिया तो उनके साथ बातचीत में कोई हरज नहीं है। उन्होंने कहा कि हर मुश्किल का हल बातचीत के ज़रिए ढूंढा जा सकता है लेकिन इसके लिए सद्भावना ज़रूरी है जो भारत ने अब तक नहीं दिखाई।

ग़ौरतलब है कि ज्वाइंट रेज़िस्टेन्स फ़ोरम में हुर्रियत के दोनों धड़े और जेकेएलएफ़ शामिल हैं। (MAQ/N)

 

Sep १३, २०१७ १९:०१ Asia/Kolkata
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