• नेतनयाहू के संभावित भारत दौरे का कई संगठनों द्वारा विरोध

इस्राईल के अत्याचारों के ख़िलाफ़ हमेशा आवाज़ उठाने वाले भारत के विभिन्न संगठनों, विद्वानों और इस्लामी संगठनों ने ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू के प्रस्तावित भारत दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कई भारतीय सांसदों, इस्लामी विद्वानों और मुस्लिम संगठनों ने अपने बयान में ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू के संभावित दौरे का विरोध करते हुए कहा है कि हम इस दौरे के विरोध में सड़कों पर उतरकर ऐसे अत्याचारी के भारत आने का कड़ा विरोध करेंगे।

इन सांसदों,  इस्लामी विद्वानों और मुस्लिम संगठनों की ओर से आए बयानों में कहा गया है कि भारत की जनता और सरकार ने हमेशा अत्याचारग्रस्त फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन किया है और अत्याचारी ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है  इसलिए हम अपनी सरकार से अपील करते हैं कि वह इस्राईली प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा को स्थागित कर दें।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी, भारतीय जनता ने इस्राईली प्रधानमंत्री को फ़िलिस्तीनी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का हत्यारा बताते हुए उनके भारत दौरे का कड़ा विरोध किया था।

इस बीच भारत के मुंबई शहर के नागरिकों ने नेतनयाहू की संभावित मुंबई यात्रा पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है। मुंबई की जनता का कहना है कि वे किसी ऐसे शासन के अधिकारी का अपने शहर में स्वागत नहीं करेंगे जो किसी देश की जनता का हत्यारा हो।

दूसरी ओर भारत के कुछ अन्य इस्लामी संगठनों ने घोषणा की है कि अगर नेतनयाहू भारत दौरे पर आते हैं तो वे उनको काला झंड़ा दिखाएंगे। काला झंड़ा दिखाने की चेतवानी देने वाले संगठनों के अनुसार हम फ़िलिस्तीन की जनता के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता दिखाने के लिए पूरे शहर में फ़िलिस्तीन का झंडा और मस्जिदुल अक़्सा की तस्वीरें लगाएंगें।

ज्ञात रहे कि कार्यक्रम अनुसार ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू 14 जनवरी को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। (RZ)

 

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Jan १२, २०१८ १९:२६ Asia/Kolkata
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