• पाकिस्तानी सेना, भारत के साथ बेहतर संबंधों की इच्छुक

अमरीकी थिंकटैंक ने अपनी रिपोर्ट में रहस्योद्धाटन किया है कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को विश्वास है कि क्षेत्र में केवल सैन्य सहयोग द्वारा ही शांति स्थापित की जा सकती है।

ब्रिटेन में मौजूद रायल यूनाइट्स सर्विसेज़ इंस्ट्टीयूट (रोसी ने अपनी रिपोर्ट की सहायता से पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव को कम करने का प्रयास करते हुए कहा कि लाइन आफ़ कंट्रोल पर सप्ताहिक फ़ायरिंग के तबादले के बावजूद इस्लामाबाद की ओर से नई दिल्ली के साथ बातचीत के प्रयास जारी हैं तो ऐसे में नई दिल्ली की क्या प्रतिक्रिया सामने आएगी?

रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा के निमंत्रण पर जारी वर्ष मार्च में ऐतिहासिक रूप से भारतीय राजदूत अपने मिलिट्री अताशी के साथ पाकिस्तान दिवस की परेड में शामिल हुए और इससे यह आभास होता है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों में बेहतरी आ रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ऐतिहासिक निमंत्रण के दो सप्ताह बाद जनरल क़मर जावेद बाजवा ने अपने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान सेना, भारत के साथ शांति स्थापित करने के लिए बातचीन की इच्छुक है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों देशों की सेनाएं जारी वर्ष सितम्बर में चीनी सेना के साथ रूस में सैन्य अभ्यास का भाग बनेंगे और 2016 में जनरल क़मर जावेद बाजवा के चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ का दायित्व संभालने के बाद इस प्रगति को महत्वपूर्ण क़रार दिया जा रहा है।

रोसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि अतीत में भी पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों को बेहतर करने के प्रयास किए जाते रहे हैं जिसमें 1980 के दशक में उस समय के पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल ज़ियाउल हक़ और भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बातचीत द्वारा संबंधों में बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

इसके अतिरिक्त 2002 में तत्कालीन पाकिस्तान के चीफ़ एक्ज़क्टिव जनरल रिटार्यड परवेज़ मुशर्रफ़ और भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वर्षों से जारी कश्मीर विवाद को समाप्त करने के बहुत निकट थे। (AK)

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मई ०६, २०१८ १७:१६ Asia/Kolkata
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