• भारतीय राष्ट्रपति का संदेश  हर एक को एक स्वस्थ, खुशहाल और कामयाब जीवन जीने का अधिकार

भारत के 67वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर भारतीय राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्‍ट्र को संबोधित किया।

भारत के राष्ट्रपति ने वर्ष 2015 को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि इस दौरान विश्व अर्थव्यवस्था में मंदी रही और ऐसे कठिन माहौल में किसी भी राष्ट्र के लिए तरक्की करना आसान नहीं हो सकता। भारतीय अर्थव्यवस्था को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने वर्ष 2015 में भारत में प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख किया और कहा कि समस्या की पहचान करना और इसके समाधान पर ध्यान देना एक श्रेष्ठ गुण है।

भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि हमारी उत्कृष्ट विरासत, लोकतंत्र की संस्थाएं सभी नागरिकों के लिए न्याय, समानता तथा लैंगिक और आर्थिक समता सुनिश्चित करती हैं। जब हिंसा की घृणित घटनाएं इन स्थापित आदर्शों, जो हमारी राष्ट्रीयता के मूल तत्व हैं, पर चोट करती हैं तो उन पर उसी समय ध्यान देना होगा। हमें हिंसा, असहिष्णुता और अविवेकपूर्ण ताकतों से स्वयं की रक्षा करनी होगी।

भारत के राष्ट्रपति ने आतंकवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद उन्मादी उद्देश्यों से प्रेरित है, नफरत की अथाह गहराइयों से संचालित है, यह उन कठपुतलीबाजों द्वारा भड़काया जाता है जो निर्दोष लोगों के सामूहिक संहार के जरिए विध्वंस में लगे हुए हैं। आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता; यह केवल बुराई है।

भारत के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में हर एक को एक स्वस्थ, खुशहाल और कामयाब जीवन जीने का अधिकार है। इस अधिकार का, विशेषकर हमारे शहरों में, उल्लंघन किया जा रहा है, जहां प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।(Q.A.)

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Jan २६, २०१६ ०२:१० Asia/Kolkata
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