• भारत में सच बोलने वालों के लिए यह समय ख़तरनाक है, जबकि झूठों की जय जयकार है, एमनेस्टी इंटरनेश्नल

एमनेस्टी इंटरनेश्नल इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में सच बोलने वालों के लिए यह ख़तरनाक समय है।

इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि मीडिया में सत्य पर आधारित रिपोर्टिंग एक चुनौती सी बन गई है, जबकि फ़ेक न्यूज़ और पेडिड ख़बरों को हाथों हाथ लिया जा रहा है।

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक़, पत्रकार गौरी लंकेश की बेंगलूर में उनके घर के बाहर गोली मारकर की गई हत्या के एक साल बाद भी कई पत्रकारों को जान से मारने की धमकियों, हमलों और फ़र्जी आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

एमनेस्टी इंटरनेश्नल का कहना है कि भारत में सच बोलने वालों की आवाज़ दबाकर, अभिव्यक्ति की आज़ादी का गला घोंटा जा रहा है।

इस अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने कहा कि पत्रकारिता पर हमले से न केवल बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का गला घोंटा जाता है बल्कि लोगों को चुप कराने पर भी इसका काफ़ी प्रभाव पड़ता है।

गौरी लंकेश की पिछले साल पांच सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के संबंध हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

मामले में गिरफ्तार किये गए कुछ लोगों का नाम कथित तौर पर सनातन संस्था और उससे जुड़ी हिंदू जनजागृति समिति से जुड़ा हुआ है। msm

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Sep ०९, २०१८ २०:३१ Asia/Kolkata
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