• संघ प्रमुख द्वारा विपक्षी नेताओं को कुत्ता बताने की निंदा, इंसानों को कुत्ता समझना संघ की पुरानी शैली

भारत और विश्व भर में फासीवादी संगठन के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले आरएसएस के प्रमुख ने शिकागो में आयोजित विश्व हिंदू कांग्रेस में विपक्षी नेताओं को जंगली कुत्ता बताया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं से एक होने की अपील करते हुए कहा है कि ‘जंगली कुत्ते भी अकेले शेर का शिकार कर सकते हैं।’ भागवत के इस बयान की जहां व्यापक निंदा हो रही है, वहीं विपक्षी नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भागवत के इस बयान की निंदा करते हुए संघ प्रमुख से पूछा कि कुत्ता कौन है और शेर कौन है? भारतीय संविधान सबको इंसान मानता है और किसी को शेर या कुत्ता नहीं कहता। उन्होंने कहा कि आरएसएस के विचार अजीब हैं, जो दूसरों को कुत्ता कहकर और ख़ुद को शेर जैसा बताकर लोगों को नीचा दिखाते हैं। वह भारतीय संविधान में विश्वास ही नहीं रखते। आरएसएस की पिछले 90 वर्षों से यही भाषा शैली रही है, लोग इस भाषा का जवाब देंगे।

कांग्रेस और एनसीपी ने संघ को 'हिन्दू विरोधी' बताते हए भागत के इस बयान को ख़ारिज कर दिय है। एनसीपी का कहना था कि आरएसएस और बीजेपी हिन्दू विरोधी हैं और वह सिर्फ जाति आधारित राजनीति करना जानते हैं। कांग्रेस ने कहा, आरएसएस के नेता दूसरी जाति और धर्म के लोगों से घृणा करते हैं। यह शर्मिन्दगी की बात है कि संघ प्रमुख ने ऐसी टिप्पणी की है। msm

 

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Sep १०, २०१८ १५:४३ Asia/Kolkata
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