Sep २३, २०१८ १६:०९ Asia/Kolkata
  • भारत के इनकार के बाद, पाकिस्तान सरकार को विपक्षीय दलों ने आड़े हाथों लिया

पाकिस्तान के दो बड़े विपक्षी दलों ने नई दिल्ली की ओर से भारत-पाक विदेशमंत्रियों की मुलाक़ात से इनकार पर होने वाली कूटनयिक विफलता का ज़िम्मेदार पाकिस्तान तहरीके इन्साफ़ की सरकार को ठहराया है।

साथ ही दोनों राजनैतिक दलों ने सवाल उठाए हैं कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भारत के साथ संबंधों की बेहतरी में जल्दबाज़ी का प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग एन और पाकिस्तान पिपल्ज़ पार्टी के नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने भारत से मुलाक़ात के लिए संपर्क करने से पहले स्थिति का निर्धारण और होमवर्क नहीं किया, साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की ओर से भारतीय समकक्ष को पत्र द्वारा वार्ता का निमंत्रण देना, ग़लत क़दम क़रार दिया।

मुस्लिम लीन एन के प्रमुख और विपक्षी नेता शहबाज़ शरीफ़ ने भारतीय सेना प्रमुख के भड़काऊ बयान पर विश्व समुदाय से नोटिस लेने की मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान, नई दिल्ली की ओर से किसी भी अतिक्रमण का भरपूर जवाब देने की क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना प्रमुख के ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान से भारतीय युद्धोन्माद को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है और विश्व समुदाय को नई दिल्ली के इस धमकीपूर्ण रवैये का नोटिस लेना चाहिए।

शहबाज़ शरीफ़ का कहना था कि पाकिस्तान का भारत की ओर से शांति संदेश को कमज़ोरी न समझा जाए। दूसरी ओर पूर्व विदेशमंत्री और मुस्लिम लीग एन के सांसद ख़्वाजा मुहम्मद आसिफ़ ने कहा कि लगता है कि सरकार शुरु से ही इस मामले पर तैयार नहीं थी जबकि प्रधानमंत्री की ओर से बहुत अधिक इच्छा, हमारी ओर से कमज़ोरी को ज़ाहिर करती है।

उधर पाकिस्तान पिपल्ज़ पार्टी की उप प्रमुख शीरी रहमान का कहना था कि भारत के आरंभिक जवाब के बाद सरकार को भारत से मुलाक़ात की इच्छा व्यक्त करने से पहले होमवर्क पूरा करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और भारतीय सेना प्रमुख दोनों का बयान ग़ैर ज़िम्मेदाराना है, उन्होंने समस्त कूटनयिक संस्कारों का हनन किया है और वह अपने कट्टरपंथ का आरोप दूसरों पर लगाने के बहाने तलाश कर रहे हैं। (AK)

टैग्स

कमेंट्स