Jan १७, २०१९ २०:४० Asia/Kolkata
  • संयुक्त राष्ट्र संघ की फटकार के बावजूद भारत ने रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजा

संयुक्त राष्ट्र संघ एवं कई अन्य मानवाधिकार संगठनों की तीखी आलोचना के बीच भारत ने 1300 अन्य रोहिंग्‍या शरणार्थियों को बांग्‍लादेश वापस भेज दिया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़ म्‍यांमार की सेना और इस देश के कट्टरपंथी बौद्धों द्वारा रोहिंग्‍या मुसलमानों पर किए जा रहे अत्याचारों और उनके नरसंहार के बीच भारत ने 1300 रोहिंग्‍या मुसलमानों को बांग्‍लादेश वापस भेज दिया है। भारत की ओर से उठाए गए इस क़दम की अब पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है, संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ और कई अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों ने भारत पर अंतर्राष्‍ट्रीय क़ानूनों का सम्‍मान नहीं करने का आरोप लगाया है।

इस बीच इंटर सेक्टर कोआर्डिनेशन ग्रुप (आईएससीजी) की प्रवक्ता “एन बोस” के मुताबिक़ तीन जनवरी से रोहिंग्या मुसलमानों का भारत से बांग्‍लादेश पहुंचना तेज़ हो गया है, अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार इस साल अबतक 300 परिवारों के क़रीब 1300 लोगों को भारत की ओर से बांग्‍लोदश भेजा जा चुका है। आईएससीजी में संयुक्‍त राष्‍ट्र की कई एजेंसियां और अन्‍य विदेशी मानवीय संगठन शामिल हैं।

दूसरी ओर भारत की सीमा पार करके बांग्लादेश पहुंचे पीड़ित रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश सेना ने हिरासत में ले लिया है और “कॉक्स बाज़ार” भेज दिया है। कॉक्स बाज़ार बांग्लादेश के दक्षिण का एक ज़िला है जहां दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है।

ज्ञात रहे कि हाल ही में भारत ने एक ही परिवार के सात लोग, जो 2012 से भारतीय जेल में क़ैद थे उन्हे म्यांमार वापस भेज दिया था, जिसके बाद राष्ट्र संघ सहित पूरी दुनिया के मानवाधिकार संगठनों के कड़े शब्दों में भारत की निंदा की थी। (RZ)

 

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