Mar २०, २०१९ १८:३७ Asia/Kolkata
  • गुजरात सरकार ने इशरत जहां फ़र्ज़ी मुठभेड़ के आरोपी पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ सीबीआई अदालत में मुक़दमा चलाने की अनुमति नहीं दी

गुजरात सरकार ने इशरत जहां और तीन अन्य लोगों के फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा और एनके अमीन के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जेके पांड्या की अदालत में सीबीआई के वकील आरसी कोडेकर द्वारा सौंपे गए एक पत्र को पढ़ने के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति नहीं दी है।

यह पुलिस अधिकारी इशरत जहां मुठभेड़ मामले में आपराधिक दंड संहिता की धारा 197 के तहत आरोपी हैं।

पूर्व में अदालत ने दोनों पूर्व अधिकारियों को बरी करने की मांग करने वाले आवेदन ख़ारिज करते हुए सीबीआई से इस बारे में पूछा कि क्या वह दोनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति चाहती है?

इसके बाद सीबीआई ने दोनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा था।

वंजारा और अमीन उन 7 आरोपियों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ़ इस मामले में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किए हैं। वंजारा पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक हैं और अमीन सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक हैं।

गुजरात के इन पूर्व अधिकारियों पर जून 2004 में अहमदाबाद के बाहरी इलाक़े में मुंबई की 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा इशरत जहां और उनके 3 साथियों की फ़र्ज़ी मुठभेड़ में हत्या का आरोप है।

इन अधिकारियों ने दावा किया था कि फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए यह लोग आतंकवादी थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना चाहते थे। msm

 

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