Mar २५, २०१९ १८:४९ Asia/Kolkata
  • भारत में एक और मुस्लिम, भगवा चरमपंथियों की भेंट चढ़ा

भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में सालों से चले आ रहे सांप्रदायिक सौहार्द को आगामी आम चुनाव से पहले खत्म करते भगवा कट्टरपंथियों ने कुल्हाड़ी से काटकर एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या कर दी।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार यह ख़ौफ़नाक घटना उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले के ओबरा थाना के परसोई गांव की है। 20 मार्च को ख्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (अजमेर, राजस्थान) से ज़ियारत करके लौटे 60 वर्षीय मोहम्मद अनवर अभी ठीक से अपने परिवार से मिल भी नहीं पाए थे कि रात को उनकी बड़ी बेरहमी से भगवा आतंकियों ने हत्या कर दी। परसोई गांव के निवासी अनवर अली के घर के पास मोहर्रम में ताज़िया रखने वाला चबूतरा (इमाम चौक) बना हुआ था। पिछले छह महीने से यहां पर रवींद्र खरवार नाम के एक सरकारी टीचर ने संघ की शाखा का संचालन शुरू किया है, जिसकी वजह से इमाम चौक को पिछले तीन महीने में तीन बार तोड़ दिया गया था।

मृतक अनवर के परिजनों के मुताबिक़, 20 मार्च की देर रात क़रीब 1 बजे, मोहम्मद अनवर को 20 भगवाधारी लोगों ने लाठी डंडे से पीटकर मार डाला। अनवर के पुत्र मोहम्मद हसनैन बताते है कि, ‘मेरे अब्बू के मुंह को पहले गमछे से बांध दिया गया, उसके बाद लाठी डंडों से उनको जमकर पिटा गया और उसके बाद उन्हीं बदमाशों ने मेरे अब्बू को कुल्हाड़ी से काट दिया।’ हसनैन आगे कहते हैं कि, ‘छह महीने पहले जब पहली बार विवाद हुआ था तभी पुलिस को सूचना दे दी गई थी लेकिन स्थानीय पुलिस ने हम लोगों को ही डांट फटकार कर शांत करा दिया।’ गांव के निवासी बताते हैं कि इस गांह में इमाम चौक वर्षों से बना हुआ है लेकिन कभी कोई विवाद नहीं है लेकिन जब से कट्टरपंथी हिन्दू गुट आरएसएस का सदस्य रवींद्र खरवार गांव में संघ का संचालन कर रहा है तब से हर दिन कोई ना कोई विवाद होता रहता है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले फरवरी 2019 में ताजिए के चबूतरे को लेकर दो बार विवाद हुआ था लेकिन पुलिस ने मामले पूरी तरह समाप्त करने के बजाए समझा बुझा कर शांत करा दिया था। मृतक मुहम्मद अनवर के बड़े पुत्र मुहम्मद ऐनुलहक़ ने कहा, ‘इससे पहले दो बार जब विवाद हुआ था तभी अगर पुलिस आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करती तो आज मेरे अब्बू की हत्या नहीं होती, वो आज इस दुनिया में होते, वो ज़िंदा होते और हमारे साथ होते।

परसोई गांव में रहने वाले 25 वर्षीय गुड्डू बताते हैं कि, ‘हमने आज तक कभी ऐसा कुछ नहीं सुना था और ना ही हमारे गांव में ऐसा कुछ हुआ था। हम सब मिलकर होली और मुहर्रम मनाते थे। कभी हमारे गांव में हिंदू-मुस्लिम जैसी बात ही नहीं हुई लेकिन जबसे यहां पर संघ की शाखा शुरू हुई है तबसे हमारे गांव का प्रेम मोहब्बत वाला माहौल बिगड़ता ही चला गया और उसकी का कारण है कि हमारे सबसे बड़े त्योहार होली के दिन एक निर्दोष मुस्लिम की जान चली गई।’ स्थानीय पुलिस ने अपनी एफआईआर में लिखा है कि मुख्य आरोपी रवींद्र खरवार संघ की शाखा चलाता था। यह भी लिखा है कि शाखा के दौरान वह बच्चों को इमाम चौक चबूतरे के ख़िलाफ़ भड़काया करता था। (RZ)

 

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