ईरान के साथ ही दुनिया के बहुत से देशों में सोमवार से मुहर्रम के कार्यक्रम आरंभ हो गए।

रविवार की रात मुहर्मर का चांद दिखने के बाद ईरान के सभी शहरों में अज़ादारी शुरू हो गई।  पूरे ईरान में इमामबाड़ों के अतिरिक्त मस्जिदों में हमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में शोक सभाओं का क्रम आरंभ हो चुका है।  ईरान के छोटे-बड़े सभी शहरों और बस्तियों में मुहर्रम के आने की तैयारी पिछले कई दिनों से की जा रही थी।  ईरान में अन्य धर्मों के मानने वाले भी बड़ी श्रदा के साथ हमाम हुसैन का ग़म मनानते हैं।  पवित्र नगरों मशहद और क़ुम में जुलूसों का सिलसिला शुरू हो चुका है और मस्जिदों तथा इमामबाड़ों में धर्मगुरू करबला के शहीदों के बारे में लोगों को बता रहे हैं।  मजलिसों के साथ ही मातम का भी सिलसिला शुरू हो चुका है।  कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पूरे ईरान में चारों ओर मजलिसों और मातम की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं।

इराक़ के पवित्र नगर करबला में रविवार की रात मग़रिब और इशा की नमाज़ के बाद इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े पर लगा लाल रंग के परचम को हटाकर उस जगह पर काले रंग का परचम लगा दिया गया है।  इसी बीच दुनिया के कोने-कोने से हज़ारों लोग इमाम हुसैन का ग़म मनाने के लिए करबला पहुंच चुके हैं।

उधर भारत और पाकिस्तान से भी समाचार मिल रहे हैं कि वहां पर भी सोमवार को मुहर्रम शुरू हो चुका है तथा मजलिस और मातम के साथ ही जुलूसों का क्रम भी जारी है। 

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Oct ०३, २०१६ १८:१९ Asia/Kolkata
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