नये हिजरी साल सन 1396 पर वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया।

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

हे दिलों और आंखों को बदलने वाले, हे रात और दिन को संभालने वाले, हे साल और हालत बदलने वाले, हमारी हालत भी अच्छी दशा में बदल दे।

हे अल्लाह फ़ातेमा, उनके पिता, उनके पति और बच्चों पर सलवात व सलाम हो।

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के जन्म दिवस और नौरोज़ की आप सब को बधाई पेश करता हूं। आप सब को ईद मुबारक हो। मेरे हमवतनो! ईरान के महान राष्ट्र, प्रिय युवा, समाज के विभिन्न वर्ग के लोगो! और विशेषकर मैं शहीदों के परिजनों, देश के लिए त्याग व बलिदान करने वालों और इसी प्रकार उन सभी राष्ट्रों को नौरोज़ की बधाई देता हूं जो नौरोज़ के बारे में जानते हैं और नौरोज़ मनाते हैं।

            ईश्वर का आभारी हूं कि उसने मुझे यह मौक़ा दिया कि मैं एक बार फिर आप सब को नौरोज़ की बधाई पेशं करूं, उम्मीद है कि ईरानी राष्ट्र के लिए नया साल मुबारक होगा व सुरक्षा व सुविधा से भरा होगा तथा नया वर्ष सभी ईरानियों और विश्व भर के मुसलमानों के लिए, अच्छा साल होगा और सभी ईरानी परिवार, सभी ईरानी, इन्शाअल्लाह इस साल में जो अभी-अभी शुरु हुआ है, ईश्वर की कृपा व दया का पात्र बनेंगे।

अगर हम बीते वर्ष का जायज़ा लेना चाहें तो हमें यह कहना चाहिए कि बीता वर्ष भी तमाम वर्षों की तरह खुशी व ग़म और कटुता व मिठास लिए हुए था, मेरा आशय जनता के लिए कटुता व मिठास है, व्यक्तिगत मामलों से मेरा आशय नहीं है। गत वर्ष अच्छी घटनाएं भी हुईं, खुशियां भी मिली और यह खुशियां राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रीय सुरक्षा, युवा संकल्प और पूरे देश में  ईमान से भरे कामों से मिलीं और इसी प्रकार कटुता भी रही कि जिसका अधिकांश भाग, आर्थिक व सामाजिक मुद्दों से संबंधित रहा कि जिनका उल्लेख किया जाएगा।

वर्ष 1395 में पूरे साल ईरान और हमारे राष्ट्र का स्वाभिमान व सम्मान हर जगह नज़र आया, साल के आरंभ से लेकर अंत तक।

पूरी दुनिया में हमारे दुश्मनों ने ईरानी राष्ट्र की शक्ति और महानता का लोहा माना और ईरानी पहचान ने गत वर्ष विभिन्न घटनाओं में अपने प्रभाव का प्रदर्शन किया। जब अमरीका के राष्ट्रपति की ओर से इस्लामी गणतंत्र ईरान का अपमान किया गया तो उत्साह से भरी और स्वाभिमानी ईरानी जनता ने आज़ादी की सालगिरह के अवसर पर उत्तर दिया, रमज़ान के महीने में विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर जनता की भारी उपस्थिति ने हमारे देश की पहचान और उद्देश्यों को पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया।

     इलाक़े बल्कि विश्व की अशांत परिस्थितियों में ईरान की शांति निश्चित रूप से एक बहुत अच्छा और बड़ा मापदंड रहा ईरानी राष्ट्र के लिए। आज हमारे आस-पास जो हमारे पड़ोसी हैं देश के पूर्वी व दक्षिणपूर्वी भाग से लेकर पश्चिमोत्तरी क्षेत्रों तक, विभन्न देशों में अशांति है, क्षेत्र अशांत है लेकिन ईरानी राष्ट्र ने बीते वर्ष भी स्थाई सुरक्षा में जीवन व्यतीत किया।

युवा संकल्प कि जिसका मैंने उल्लेख किया है, पूरे देश में हज़ारों युवाओं की गतिविधियों के बारे में जानकारी का परिणाम है कि जिन्होंने उत्साह से भरी अपनी गतिविधियों द्वारा, चाहे वह वैज्ञानिक क्षेत्र में, सांस्कृतिक क्षेत्र में, खेल-कूद के क्षेत्र में या फिर उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय हों, नये नये काम कर रहे हैं और अपने देश के भविष्य के लिए पूंजी एकत्रित कर रहे हैं।

मैंने ईमान से भरे जिन कामों का उल्लेख किया है उनसे आशय, वह व्यापक धार्मिक बैठकें हैं जो पूरे साले पूरे देश में आयोजित होती रही हैं, इमामों से संबंधित थीं, महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दों से संबधिंत थीं, रमज़ान  के महीने में मस्जिदों में रहने और उपासना करना, इमाम हुसैन के चेहलुम में पैदल ज़ियारत के लिए जाना और आशूर व मुहर्रम की शोक सभाएं यह सब सकारात्मक बिन्दु हैं हमारे देश और हमारी जनता के लिए।

पिछले वर्ष की कटुताएं और समस्याएं अधिकांश, आर्थिक रही है , मध्य वर्ग और कमज़ोर वर्ग के लोग पूरे साल समस्याओं में ग्रस्त रहे और अब भी हैं क्योंकि मुझे लोगों की हालत पता है इस लिए उसकी कड़वाहट पूरी तरह से महसूस कर रहा हूं, जनता , विशेषकर कमज़ोर वर्ग के संबंध रखने वाले लोगों की समस्याओं को जैसे महंगाई, बेरोज़गारी, या सामाजिक समस्याएं जो वास्तव में आर्थिक समस्याओं का परिणाम हैं या फिर भेदभाव असमानता, इन सब की कटुता महसूस करता हूं।

            हम सब ज़िम्मेदार हैं, ईश्वर के सामने भी और जनता के सामने भी। मैंने, कार्य और कार्यवाही के साल के दौरान जो पिछले साल था, सम्मानीय अधिकारियों से मांग की थी कि इसके लिए एक कमीशन का गठन करें और उन्होंने गठन किया भी और सौभाग्य से अच्छे काम भी किये गये जिसकी रिपोर्ट हमें दी गयी लेकिन जो कुछ किया गया वह हमारी और जनता की आशा के अनुरुप नहीं है। मैं अपने भाषण में यह स्पष्ट करूंगा कि अधिकारियों की ओर से पेश किये जाने वाले कुछ आंकड़ें सकारात्मक हैं और इन अधिकारियों की ओर से पेश किये जाने वाले कुछ आंकड़ें नकारात्मक हैं इन सब को सामूहिक रूप से देखना चाहिए।  

    प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था एक संग्रह है अगर उस पर प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था के अंतर्गत ही गौर किया जाए तो संभव है कोई विशेष प्रभाव न पड़े मेरे विचार में इसका समाधान यह है कि इस संग्रह को कई महत्वपूर्ण हिस्सों में बांटा जाए और हर हिस्से के लिए समय सीमा और महत्वपूर्ण बिन्दु निर्धारित किए जाएं और अधिकारियों, महत्वपूर्ण हस्तियों और लोगों से यह मांग की जाए कि वह उस बिन्दु पर ध्यान दें मेरे ख्याल में समाधान यह है कि इस साल के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को हम पहचानें। मेरे ख्याल में यह महत्वपूर्ण बिन्दु हैं, उत्पादन, स्वदेशी उत्पादन, रोज़गार विशेषकर युवाओं के लिए रोज़गार , यह वही महत्वपूर्ण बिन्दु हैं। अगर हमें इन दोनों बिन्दुओं पर ध्यान देने में सफल रहे और इन के आधार पर योजनाएं बनाने में सफल रहे तो मेरा मानना यह है कि काम काफी आगे बढ़ जाएगा और स्पष्ट सफलताएं मिलेंगी। मैं अपने भाषण में इशांअल्लाह इन दोनों बिन्दुओं की विशेषताओं पर चर्चा करूंगा इस लिए इस साल का नारा, " प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था, उत्पादन व रोज़गार" रहेगा। अर्थात प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था , सामूहिक शीर्षक है उसके बाद उत्पादन और रोज़गार है , यह वह बिन्दु हैं जिन पर सब को ध्यान देना चाहिए और उन्ही के आधार पर योजनाएं बनानी चाहिए और इन्शाअल्लाह वर्ष के अंत में उसकी रिपोर्ट जनता के सामने पेश की जाए।

     आशा है कि आप सब इमाम ज़माना (अज) की कृपा और शहीदों और इमाम खुमैनी (रह) की दुआओं की छाया में नये साल में खुशी, सुरक्षा व सुविधा से संपन्न रहेंगे।

    वस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाहे व बरकातुहू

 

 

Mar २०, २०१७ २२:५७ Asia/Kolkata
कमेंट्स