• आतंकवाद, सभी राष्ट्रों के लिए संयुक्त ख़तरा

राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान व तुर्की को एक दूसरे से सहयोग व समन्वय द्वारा और संयुक्त शत्रु के रूप में आतंकवाद से संघर्ष पर ध्यान केंद्रित करके, क्षेत्र में शांति व स्थिरता के आधारों को सुदृढ़ बनाना चाहिए।

डाॅक्टर हसन रूहानी ने शनिवार को तुर्की के प्रधानमंत्री अहमद दाऊद ओग़लू से तेहरान में मुलाक़ात के अवसर पर इस बात का उल्लेख करते हुए कि तेहरान और अन्कारा के बीच अनेक धार्मिक व सांस्कृतिक समानताएं हैं, कहा कि दोनों देशों की धार्मिक विचारधारा का आधार, कुछ हिंसा प्रेमी देशों से पूरी तरह भिन्न है। उन्होंने सभी राष्ट्रों के लिए एक संयुक्त ख़तरे के रूप में आतंकवाद से संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि क्षेत्र से बाहर के देश, क्षेत्रीय समस्याओं को जड़ से समाप्त करना नहीं चाहते बल्कि वे केवल अपने हितों की पूर्ति के इच्छुक हैं। डाॅक्टर रूहानी ने कहा कि ईरान व तुर्की के संबंधों में विस्तार के मार्ग में कोई रुकावट नहीं है और इस समय दोनों राष्ट्रों के हितों के परिप्रेक्ष्य में तेहरान-अन्कारा के संबंधों को अधिक से अधिक विस्तृत करने का उचित अवसर है।

इस मुलाक़ात में तुर्की के प्रधानमंत्री अहमद दाऊद ओग़लू ने कहा कि अन्कारा, तेहरान के साथ संबंधों का एक नया अध्याय खोलना चाहता है। उन्होंने कहा कि तुर्की इस समय विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ अपने संबंधों और सहयोग को बढ़ाने का पहले से अधिक संकल्प रखता है। उन्होंने इसी प्रकार आतंकवाद से संघर्ष में तेहरान व अन्कारा के क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा क्षेत्रीय मामलों में हमें एक दूसरे से सहयोग करते हुए आतंकी गुटों की पाश्विकता का मुक़ाबला करना चाहिए। (HN)

Mar ०५, २०१६ २२:५३ Asia/Kolkata
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