• तीसरी चुनावी बहस में उम्मीदवारों ने रखे विचार और एक दूसरे की नीतियों को बनाया निशाना

इस्लामी गणतंत्र ईरान में बारहवें राष्ट्रपति चुनाव के लिए जारी प्रचार अभियान के तहत शुक्रवार को प्रत्याशियों के बीच तीसरी और आख़िरी बहस हुई।

सीधे प्रसारित हो रही बहस में छह प्रत्याशियों ने अलग अलग मुद्दों पर अपने विचार रखे तो एक दूसरे के विचारों पर टिप्पणी की।

तीसरी चुनावी डिबेट भी दो भागों पर आधारित थी। पहले भाग में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार इसहाक़ जहांगीरी ने प्रयोग की वस्तुओं की स्मगलिंग और आयात को नियंत्रित करने के मुद्दे पर कहा कि स्मगलिंग हमेशा वह लोग करते हैं जो देश के भीतर उत्पादन इकाइयों को नुक़सान पहुंचाना तथा अर्थ व्यवस्था को उसकी डगर से हटा देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में स्मगलिंग 25 अरब डालर तक पहुंच गई थी जिसे कंट्रोल करके 12 अरब डालर तक लाया गया है।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मुसतफ़ा मीर सलीम ने तेल की आय पर देश की निर्भरता को कम करने और गैर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के विषय में कहा कि तेल की निर्यात दर दस लाख बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर 25 लाख बैरल प्रतिदिन कर देना कोई गर्व की बात नहीं है, यह प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था की रणनीति से विरोधाभास रखता है।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि हमारा इरादा यह है कि बैंकों को मज़बूत करके विकास का बजट बढ़ाएं, अगर हम देश के भीतर जनता की हालत बेहतर करना चाहते हैं तो इसका एक रास्ता बैंकों का सशक्तीकरण है।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मुसतफ़ा हाशेमी तबा ने उत्पादन को बढ़ावा देने और कृषि व उद्योग में स्थायी रोज़गार पैदा करने के विषय में कहा कि ईरान का भविष्य औ स्वाधीनता उत्पादन तथा विभिन्न प्रकार की संभावनाओं के विकास पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने बैंकिंग क़ानून में सुधार तथा विदेशी निवेश को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार इब्राहीम रईसी ने सब्सिडी से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि आम जनता को दी जा रही नक़दी सब्सिडी बढ़ाई जानी चाहिए क्योंकि ईंधन और बिजली के दाम बढ़ा दिए गए हैं अतः इससे बढ़ने वाली आमदनी से आम लोगों को फ़ायदा पहुंचना चाहिए।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मुहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने आर्थिक विकास की दर बढ़ाने के बारे में कहा कि इस समय आर्थिक संकट की स्थिति है, क़ीमतें बढ़ी हुई हैं, पूंजीपतियों से बहुत कम टैक्स लिया जा रहा है यदि यह टैक्स सही ढंग से वसूल किया जाए तो बेरोज़गारी की समस्या से निपटा जा सकता है।

बहस के दूसरे भाग में प्रत्याशियों ने भविष्य के लिए अपने कार्यक्रमों को संक्षेप में बयान किया।

मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने कहा कि हम छठी विकास योजना के तहत कृषि में विकास लाने तथा गांवों में छोटे के घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने पर काम करेंगे।

इब्राहीम रईसी सादात ने आर्थिक भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए कहा कि आर्थिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई को गंभीरता से आगे बढ़ाने की ज़रूरत है और हमारी सरकार देश के किसी भी भाग में भ्रष्टाचार नहीं होने देगी।

मुसतफ़ा हाशेमी तबा ने टैक्स सिस्टम में सुधार और रोज़गार व उत्पादन के बारे में कहा कि यूरोपीय देशों की तरह निगरानी होनी चाहिए और लोगों की सही आय का पता लगाना और समग्र टैक्स सिस्टम लागू किया जाना चाहिए।

हसन रूहानी ने नक़दी बढ़ जाने से उत्पन्न होने वाली समस्या के बारे में कहा कि इससे मुद्रा स्फीति बढ़ती है अतः इसे नियंत्रित रखा जाना चाहिए।

इसहाक़ जहांगीरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आटोमोबाइल इंडस्ट्री एक जटिल इंडस्ट्री है, दुनिया के बड़े ब्रांडो के साथ सहयोग करके ईरान में गाड़ियों का उत्पादन और फिर अन्य देशों के लिए गाड़ियों का निर्यात होना चाहिए।

मुसतफ़ा मीर सलीम ने नालेब बेस्ड कंपनियों और रोज़गार के संबंध में कहा कि उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ना चाहिए।

ईरान में आगामी 19 मई को वोट डाले जाएंगे।

 

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मई १३, २०१७ ०७:५४ Asia/Kolkata
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