ईरान की इस्लामी क्रांति की सेना आईआरजीसी ने सीरिया में दाइश के एक महत्वूपर्ण ठिकाने पर मध्यम दूरी के मिसाइल हमले को "लैलतुल क़द्र" अभियान का नाम दिया है।

आईआरजीसी के प्रवक्ता जनरल रमज़ान शरीफ़ का कहना है कि लैलतुल क़द्र नामक अभियान में आईआरजीसी ने मध्यम दूरी के 6 बैलिस्टिक मिसाइलों द्वारा 650 से 700 किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्यों को निशाना बनाया।

 

उन्होंने कहा, यह शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल थे, जिन्होंने ईरान की सीमा के भीतर से ही सीरिया में लक्ष्यों को ध्वस्त कर दिया।

आईआरजीसी के प्रवक्ता का कहना था कि इस अभियान के तहत सीरिया के दैरुज़्ज़ोर में दाइश के मुख्यालय और हथियारों के डीपो को निशाना बनाया गया।

रमज़ान शरीफ़ ने कहा कि यह हमला, ईरानी संसद और इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर दाइश के आतंकवादी हमले का जवाब है।

उन्होंने बताया कि मिसाइल हमले के लिए पहले ही सीरियाई सरकार को बता दिया गया था और यह मिसाइल इराक़ की वायु सीमा से होते हुए सीरिया में लक्ष्यों पर जाकर लगे।

इस बीच ईरान में एक वरिष्ठ सुन्नी धर्मगुरू ने कहा है कि ज़ायोनी शासन और अमरीका ईरान के मिसाइल हमले के महत्व को समझें और दुनिया यह जान ले कि ईरान विश्व शक्तियों से टकराने की योग्यता रखता है।

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आईआरजीसी ने ईरान से सीरिया में किए गए मिसाइल हमलों की ड्रोन विमानों द्वारा वीडियो तैयार की है, जो मीडिया में जारी कर दी गई है। msm

 

Jun १९, २०१७ १५:४३ Asia/Kolkata
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