वरिष्ठ नेता की नज़र में ट्रम्प और ईरान के ख़िलाफ़ उनकी धमकी की हैसियत

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने रविवार की रात रौज़ों की रक्षा के दौरान व सीमा सुरक्षा बल के शहीद होने जवानों के परिजनों के एक समूह से मुलाक़ात में, अमरीकी राष्ट्रपति के हालिया धमकी भरे बयान को बकवास बताते हुए कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति की बकवास नई बात नहीं है क्योंकि इस्लामी व्यवस्था को शुरु से ही नाना प्रकार के षड्यंत्र का सामना रहा है लेकिन दुश्मन ईरानी राष्ट्र का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते।

जबसे ईरान में इस्लामी क्रान्ति सफल हुयी और इस देश पर अमरीका का प्रभाव ख़त्म हुआ, अमरीकी नेताओं ने चाहे वह डेमोक्रेट्स हों या रिपब्लिन्ज़, अनेक बार इस तरह के धमकी भरे बयान दिए हैं।

अमरीका में 2016 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रम्प के विजयी होने पर इस तरह के सवाल उठ रहे थे कि ट्रम्प के सत्ता संभालने के बाद ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका के व्यवहार में क्या बदलाव आएगा या ट्रम्प रीगन, या बुश या ओबामा से अलग होंगे?

ट्रम्प की शख़्सियत के बारे में फ़्रांसीसी समाजशास्त्री मैरी सिसील नाव का मानना है कि ट्रम्प ईरान से मुक़ाबले में पश्चिम एशिया के संतुलन को भूराजनैतिक परिवर्तन की दृष्टि से नहीं बल्कि आर्थिक लक्ष्य के लिए बदलना चाहते हैं जो उनकी व्यक्तिगत भावना व मानसिकता से समन्वित है।

विगत से लेकर अब तक अमरीकी अधिकारियों ने ईरान को नुक़सान पहुंचाने के लिए जो मुमकिन था किया, लेकिन उन्हें यह जान लेना चाहिए कि जो भी ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अतिक्रमण करेगा उसका अंजाम वही भुगतेगा।

जैसा कि वरिष्ठ नेता ने बल दिया, “दुश्मन, वफ़ादार दोस्त और वे दोस्त जो विशेष मौक़ों पर चिंतित हो जाते हैं, सभी लोग जान लें कि इस्लामी गणतंत्र ईरान मज़बूत और पूरी दृढ़ता से डटा हुआ और ईरानी राष्ट्र की ओर उठने वाले दुश्मन के हाथ को ईरानी राष्ट्र उसी के मुंह पर दे मारेगा।” (MAQ/T)

 

Jun १९, २०१७ १७:१५ Asia/Kolkata
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