सीरिया के दैरुज़्ज़ूर में दाइश के आतंकियों को ईरान का मीज़ाइली थप्पड़

7 जून को तेहरान में आतंकियों के हमलों की प्रतिक्रिया में ईरान के इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल आईआरजीसी ने पूर्वी सीरिया के दैरुज़्ज़ूर में दाइश के कमान्ड सेंटर को धरती से धरती पर इस्तेमाल होने वाले मध्यम दूरी के 6 मीज़ाईल से निशाना बनाया।

आईआरजीसी ने बताया कि ये मीज़ाईल इराक़ के ऊपर से होते हुए 650 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए निर्धारित लक्ष्य पर लगे।

ईरान के मीज़ाईल का दैरुज़्ज़ूर में दाइश के कमान्ड सेंटर पर लगना, आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग में आईआरजीसी के महत्वपूर्ण रोल को दर्शाता है कि जिस आतंकवाद का अमरीका, सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन समर्थन कर रहे हैं।

अमरीका और उसके समर्थकों की कथित रूप से दाइश के ख़िलाफ़ गतिविधियों को आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष का नाम नहीं दिया जा सकता बल्कि इसके विपरीत अमरीका और उसके समर्थक इराक़ और सीरिया में दाइश को अपने साम्राज्यवादी लक्ष्य के लिए संचालित कर रहे हैं।

इस संदर्भ में ग्लोबल रिसर्च थिंक टैंक में राजनैतिक टीकाकार बिल वैन ऑकेन की टिप्पणी बहुत कुछ कहती है। उन्होंने इस थिंक टैंक की वेबसाइट पर लिखा है, “इराक़ और सीरिया में अमरीका की सैन्य दख़लअंदाज़ी दाइश को ख़त्म करने के लिए नहीं है क्योंकि दाइश ख़ुद 2003 में इराक़ के अतिग्रहण की उपज है जो आगे चल कर लीबिया और सीरिया में शासन बदलने के लिए रणक्षेत्र में अमरीका की ओर से छद्म युद्ध की फ़ोर्स बन गया।”

ऐसे हालात में दैरुज़्ज़ूर में दाइश के ठिकाने पर आईआरजीसी का मीज़ाईल लगना यह दर्शाता है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में  ईरान गंभीर है और इस कार्यवाही से यह प्रक्रिया नये चरण में दाख़िल हो गयी है।

आईआरजीसी की इस कार्यवाही के संबंध में एक महत्वपूर्ण बिन्दु यह है कि उसने यह कार्यवाही सीरिया की क़ानूनी सरकार की इजाज़त से अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के परिप्रेक्ष्य में अंजाम दी। यह कार्यवाही इस्लामी गणतंत्र ईरान की सुरक्षा के तहत अंजाम पायी है। (MAQ/T)

 

Jun १९, २०१७ १७:१७ Asia/Kolkata
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