न्यायपालिका के प्रमुख ने विश्व क़ुद्स दिवस को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की मज़लूमियत और ज़ायोनी शासन के अपराधों की घोषणा का प्रतीक बताया है।

आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारीजानी ने सोमवार को न्यायपालिका के उच्चाधिकारियों की बैठक में विश्व क़ुद्स दिवस के आगमन के उपलक्ष्य में कहा कि अमरीका और उसके क्षेत्रीय घटक इस समय ईरानोफ़ोबिया फैला कर इस्लामी जगत का ध्यान वास्तविक दुश्मन अर्थात ज़ायोनी शासन की ओर से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विश्व क़ुद्स दिवस के जुलूसों में जनता की भरपूर उपस्थिति पर बल देते हुए कहा कि यह उपस्थिति ज़ायोनी शासन और वर्चस्ववादी शक्तियों के षड्यंत्रों को विफल बना देगी और मुसलमानों के वास्तविक दुश्मन के मुक़ाबले में इस्लामी जगत की एकता के प्रतीक के रूप में विश्व क़ुद्स दिवस बाक़ी रहेगा।

 

न्यायपालिका प्रमुख ने अमरीकी राष्ट्रपति की सऊदी अरब यात्रा और उनके द्वारा क्षेत्रीय देशों को ईरान के ख़िलाफ़ भड़काने की ओर संकेत करते हुए कहा कि अमरीकी सेनेट की ओर से ईरान पर लगाए जाने वाले हालिया प्रतिबंध भी, ईरान से अमरीका की दुश्मनी का प्रतीक हैं और वह इस प्रकार की कार्यवाहियां बहुत पहले से करता आ रहा है। आयतुल्लाह सादिक़ आमुली लारीजानी ने अमरीका की कार्यवाहियों पर ईरान की ओर से ठोस जवाब दिए जाने पर बल दिया। (HN)

Jun १९, २०१७ १९:०० Asia/Kolkata
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