• ईरान-यूरोप सहयोग के बारे में राष्ट्रपति रूहानी के विचार

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने फ़्रान्स के तीन संचार माध्यमों को दिए गए साक्षात्कार में आशा जताई है कि उनकी रोम व पेरिस की यात्रा की उपलब्धियां, ईरान, फ़्रान्स व इटली के राष्ट्रों के हित में होंगी और उनसे क्षेत्र की शांति व स्थिरता में मदद मिलेगी।

उन्होंने इस साक्षात्कार में इटली व फ़्रान्स के साथ ईरान के संबंधों के साथ ही क्षेत्र व अंतर्राष्ट्रीय मामलों के बारे में ईरान की नीतियों व दृष्टिकोणों का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के बाद अब ईरान, क्षेत्रीय समस्याओं के बारे वार्ता के मैदान में आ चुका है, कहा कि यह हालात इससे पहले के बरसों में नहीं थे लेकिन अब अमरीका भी इस तथ्य को मान रहा है कि क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान में ईरान की प्रभावी भूमिका का इन्कार नहीं किया जा सकता। डाॅक्टर रूहानी ने इस साक्षात्कार में आतंकवाद को एक सार्वजनिक ख़तरा बताया और इस बात की ओर संकेत करते हुए कि क्षेत्र में आतंकवाद से संबंधित समस्याएं ढकी-छिपी नहीं हैं, कहा कि हर देश की नीति से यह समझा जा सकता है कि कौन आतंकवादियों का समर्थक है? उन्होंने कहा कि हम सब को एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए कि आतंकियों को क्षेत्र से निकाल बाहर करें, आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकें और बेघर हो चुके लोगों को उनके घरों तक वापस लौटाएं।

इस बात को समझना बहुत कठिन नहीं है कि अगर कोई देश अशांत हो तो उसकी अशांति अन्य देशों के लिए भी ख़तरा है। स्पष्ट है कि आतंकियों के बीच कोई अंतर नहीं है और सभी देशों को बिना किसी भेदभाव के एक क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख़तरे के रूप में आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए संघर्ष करना चाहिए। यह वह विषय है जिसकी ओर राष्ट्रपति रूहानी ने अपने फ़्रान्सीसी समकक्ष से मुलाक़ात में संकेत किया है। राष्ट्रपति रूहानी ने इस साक्षात्कार में इसी प्रकार कई अन्य क्षेत्रीय मामलों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। बहरहाल ईरान के राष्ट्रपति की इटली व फ़्रान्स की यात्रा से एक बार फिर यह बात स्पष्ट हो गई कि सहयोग के बारे में ईरान का दृष्टिकोण केवल आर्थिक मामलों तक सीमित नहीं है बल्कि वह शांति व स्थिरता की स्थापना और संसार से आतंकवाद की समाप्ति का इच्छुक है। (HN)

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Jan ३१, २०१६ १६:४१ Asia/Kolkata
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