• वरिष्ठ नेता ने हित संरक्षक परिषद के तीन अहम कर्तव्य गिनवाए

वरिष्ठ नेता ने हित का निर्धारण, मूल नीति निर्धारण में वरिष्ठ नेता को परामर्श और देश की समस्याओं के हल के उपाय पेश करना इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक परिषद के तीन अहम कर्तव्य बताते हुए बल दिया कि इस परिषद को सौ फ़ीसद क्रान्तिकारी सोच के साथ अमल करना और इसी सोच के साथ बाक़ी रहना चाहिए।

बुधवार को इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक परिषद के नए सदस्यों ने तेहरान में वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई से मुलाक़ात की। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ने हित के निर्धारण और उसे लागू करने में हित संरक्षक परिषद की बड़ी ज़िम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस समय हित संरक्षक परिषद संसद के दृष्टिकोण को संविधान परिषद के दृष्टिकोण पर अहमियत देती है, ऐसा करते समय उसके मद्देनज़र तर्क को बहुत स्पष्ट होना चाहिए और बहुमत के साथ अस्थायी मुद्दत के लिए लागू हो।

वरिष्ठ नेता ने बल दिया कि हित लागू करते वक़्त दीर्घकाल को मद्देनज़र रखना चाहिए और हित के निर्धारण के वक़्त बहुत ही विस्तार से बहस होनी चाहिए जिसमें संविधान परिषद के धर्मगुरु सहित सभी सदस्य मौजूद रहें। (MAQ/N)

 

Sep १३, २०१७ १६:२६ Asia/Kolkata
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