• इस्राईली मीडिया में छा गया ट्रम्प का ईरान विरोधी भाषण, मूडी ट्रम्प के साथ सहयोग से सावधान रहने की चेतावनी

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने ईरान विरोधी बयान दिया तो इस्राईली मीडिया में यह बयान छा गया।

तेल अबीब में राजनैतिक सूत्रों का कहना है कि ट्रम्प ने ईरान के परमाणु समझौते के बारे में जो भाषण दिया है उससे ज़ाहिर हो गया है कि उन्होंने परमाणु समझौते के बारे में अमरीका ने इस्राईल का दृष्टिकोण पूरी तरह मान लिया है।

इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने इस भाषण पर ट्रम्प का शुक्रिया भी अदा किया और कहा कि यही अच्छा मौक़ा है कि परमाणु समझौते को बदल दिया जाए।

इस्राईल के चैनल-10 के सामरिक मामलों के विशेषज्ञ औरहीलर ट्रम्प पर बहुत नाराज़ा दिखे क्योंकि उनके अनुसार ट्रम्प ने अपने भाषण में यह नहीं कहा कि यदि ईरान अमरीकी शर्तों के सामने नहीं झुका तो एसी स्थिति में अमरीका क्या करेगा। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने अपने पूर्ववर्ती ओबाम के विपरीत ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्यवाही की धमकी नहीं दी। शायद इस तरह उन्होंने अमरीकी मतदाताओं को ख़ुश करने का प्रयास किया जो मध्यपूर्व में ईरान से लड़ने के लिए अमरीकी सेना भेजने के लिए तैयार नहीं हैं।

इस्राईली अख़बार आरेत्ज़ ने अपनी वेबसाइट पर एक समीक्षा प्रकाशित की। हमेशा की तरह इस बार भी यही एकमात्र अख़बार था जिसने इस्राईली मीडिया से अलग हटकर लाइन ली। लेखक हीमी शालीफ़ ने लिखा कि ट्रम्प का भाषण अपने कट्टर दुशमन बाराक ओबामा पर तेज़ हमला था। यह बात सबकी समझ में आ चुकी है कि ट्रम्प ओबामा से अंधी नफ़रत करते हैं। ट्रम्प अमरीका को सारी दुनिया से काटकर अलग कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

शालीफ़ ने लिखा कि नेतनयाहू जब नींद से जागेंगे तो उन्होंने ट्रम्प के भाषण के दोनों पहलुओं पर ग़ौर करना चाहिए। एक तरफ़ तो ट्रम्प ने ईरान विरोधी बातें कही हैं लेकिन भाषण का दूसरा आयाम जिसे नेतनयाहू को ज़रूर ध्यान से देखना चाहिए यह है कि मूडी ट्रम्प का इस प्रकार का रुख अमरीका इस्राईल सहयोग को किस दिशा में ले जाएगा।

ग्लोब्स अख़बार की महिला विशलेषक ने ट्रम्प की नई नीति से अमरीका की अर्थ व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा करते हुए कहा कि परमाणु समझौते के बाद ईरान और बोइंग के बीच लगभग 3 अरब डालर का समझौता हुआ जो परमाणु समझौता समाप्त हो जाने के बाद हो सकता है कि ख़त्म हो जाए जबकि दूसरी ओर यूरपीय देश परमाणु समझौते से बाहर निकलने वाले नहीं हैं इस लिए कि ईरान के साथ यूरोप का व्यापारिक लेनदेन काफ़ी बढ़ चुका है। लेनदेन में यह वृद्धि परमाणु समझौते के बाद ही हुई है।

साभार रायुल यौम

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Oct १४, २०१७ १८:३६ Asia/Kolkata
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