• दुख की घड़ी में पूरी दुनिया ईरान के साथ, दुनिया भर से संदेशों का क्रम और सहायता की पेशकश + फ़ोटो

ईरान और इराक़ में आए भीषण भूकंप की घटना पर विश्व के नेताओं ने सांत्वना संदेश भेजे हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने ईरान और इराक़ में आने वाले भीषण भूकंप के प्रभावितों से सहृदयता व्यक्त करते हुए पीड़ितों की सहायता के लिए विश्व संस्थाओं की तत्परता की घोषणा की है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने एक बयान में ईरान और इराक़ में भूकंप से प्रभावित लोगों की सहायता और सहायता कार्य में शामिल होने के लिए मानवीय सहायता के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ और उसके कोआरडीनेटर कार्यालय की तत्परता की घोषणा की। इससे पहले ईरान में संयुक्त राष्ट्र संघ के कोआरडीनेटर कार्यालय के प्रमुख गेरी लुईस ने अपने ट्वीट में ईरान के पश्चिमी क्षेत्रों में भूकंप से बड़े पैमान पर जानी व माली नुक़सान पर खेद प्रकट करते हुए भूकंप पीड़ितों की हर संभव सहायता के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की तत्परता की घोषणा की थी।

यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों की प्रभारी फेडरिका मोग्रेनी ने भी अपने सांत्वना संदेश में ईरान और इराक़ में भूकंप से हताहत होने वालों के परिजनों से सहृदयता व्यक्त करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ भूकंप प्रभावित लोगों के लिए सहायता कार्यवाहियों में सहायता के लिए तैयार है। उनका कहना था कि यूरोपीय संघ, ईरान और इराक़ के भूकंप पीड़ितों को सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है।

आज़रबाइजान गणराज्य के राष्ट्रपति इल्हाम अलीओफ़ ने भी अपने सांत्वना संदेश में ईरान में भूकंप से होने वाले जान व माली नुक़सान पर गहरा दुख व्यक्त किया और ईरान के राष्ट्रपति, जनता और हताहत होने वालों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि आज़बरबाइजान गणराज्य स्वयं को ईरानी जनता के दुख में भागीदार समझता है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्वीट में भूकंप में जानी व माली नुक़सान पर गहरा दुख प्रकट करते हुए हताहत होने वालों के परिजनों से सहृदयता व्यक्त की। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी अपने ट्वीट में ईरान में भूकंप से होने वाले जानी व माली नुक़सान पर दुख प्रकट करते हुए हताहत होने वालों के परिजनों से सहृदयता व्यक्त की। नार्वे, क्रोएशिया, लिथवानिया, जर्मनी और अर्मीनिया के विदेशमंत्रालय ने अपने संदेश में ईरान और इराक़ में भूकंप में हताहत होने वालों के परिजनों और जनता और सरकारों से सहृदयता व्यक्त की है।

रूस के प्रधानमंत्री ने भी सोमवार की रात राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी के नाम अपने संदेश में भूकंप से होने वाले जानी व माली नुक़सान पर दुख प्रकट किया। दिमित्री मेदवदेव ने इसी प्रकार भूकंप में हताहत होने वालों के परिजनों से सहृदयता व्यक्त की। इससे पहले रूस के राष्ट्रपति ने भी डाक्टर हसन रूहानी को सांत्वना संदेश भेजा था।

जापान, क़तर और जार्जिया के विदेशमंत्रालय ने भी इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय को सांत्वना सदेश भेजकर गहरा दुख व्यक्त किया है और भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में सहायता भेजने की तत्परता व्यक्त की है। इससे पहले उज़्बेकिस्तान और तुर्की के राष्ट्रपति ने भी डाक्टर हसन रूहानी के नाम सांत्वना संदेश में ईरानी जनता और सरकार से सहृदयता व्यक्त की थी और कहा था कि उनका देश भूकंप पीड़ितों को सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान ने कहा है कि यदि उसे सहायता की आवश्यकता हुई तो उसकी घोषणा की जाएगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अभी देश के पश्चिमी भाग में आए भूकंप से प्रभावित होने वालों के लिए विदेशी सहायता हासिल करने के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया गया है लेकिन अगर ज़रूरत हुई तो संबंधित विभागों की ओर से इसकी घोषणा की जाएगी।

बहराम क़ासेमी ने सोमवार की शाम, विदेशी अधिकारियों की ओर से ईरान के भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए तैयारी की घोषणा के बारे में कहा कि अनेक देशों के अधिकारियों, विदेश मंत्रियों और राजदूतों और संयुक्त राष्ट्र संघ व यूरोपीय संघ समेत अनेक देशों व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने टेलीफ़ोन के माध्यम से और इसी तरह औपचारिक बयानों व प्रेस रिलीज़ द्वारा ईरान की सरकार व जनता से संवेदना जताई है। (AK)

Nov १४, २०१७ १०:४९ Asia/Kolkata
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