• हज़रत ज़ैनब के रौज़े के रक्षक की शव यात्रा, नम आखों से विदा किया साथियों ने + वीडियो

हज़रत अली अलैहिस्सलाम की सुपुत्री हज़रत ज़ैनब के रौज़े की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले स्वयं सेवी हमीद रज़ा ज़ियायी की शवयात्रा हज़रत ज़ैनब के रौज़े पर संपन्न हुई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, शहीद के साथियों और स्वयं सेवी बलों ने भाग लिया।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार हज़रत ज़ैनब के रौज़े की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले शहीद हमीद रज़ा ज़ियायी, आठ वर्षीय थोपे गये युद्ध के दौरान घायल हो गये थे और कुछ समय पहले वह स्वेच्छा से हज़रत ज़ैनब के रौज़े की रक्षा करने निकल गये। 

सीरिया के शहर अलबूकमाल की स्वतंत्रता के अभियान में तकफ़ीरी आतंकवादियों की ओर से किए गये हमले में वह शहीद हो गये और अपने शहीद साथियों के साथ जा मिले।

शहीद हमीद रज़ा ज़ियायी को इराक़ द्वारा ईरान पर थोपे गये आठ वर्षीय युद्ध के दौरान लड़ने का अनुभव था इसीलिए वह स्वेच्छा से सीरिया गये और उन्होंने दुश्मनों के मुक़ाबले में अपने साहस और अपनी वीरता का लोहा मनवा लिया। 

शहीद ज़ियायी का शव कुछ समय पहले तेहरान पहंचा और उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। उनकी अंतिम शव यात्रा आज शाम तीन बजे तेहरान में निकाली गयी। तेहरान में आयोजित उनकी शवयात्रा में भी बड़ी संख्या में साथियों, दोस्तों और परिजनों ने भाग लिया। (AK)

 

Nov २३, २०१७ १९:४३ Asia/Kolkata
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