• पश्चिमी जवानों के नाम वरिष्ठ नेता के ख़त की समीक्षा के लिए सेमिनार का आयोजन

तेहरान में पश्चिमी जवानों के नाम वरिष्ठ नेता के ख़त की अहमियत को बयान करने के लिए एक सेमिनार शुरु हुआ जिसमें विदेशी मेहमान भी मौजूद हैं। इस सेमिनार का शीर्षक है ‘तुलूए हक़ीक़त’ अर्थात सत्य का उदय।

अंतर्राष्ट्रीय मामलों में वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई के सलाहकार अली अकबर विलायती ने रविवार को ‘तुलूए हक़ीक़त’ सेमिनार में कहा कि वरिष्ठ नेता का पश्चिमी जवानों के नाम ख़त बहुत अहम पहल है क्योंकि सामने वाला पक्ष इसके विपरीत काम कर रहा और इस्लामी जगत में फूट डालने व इस्लाम की छवि को ख़राब करने की कोशिश कर रहा है।

वरिष्ठ नेता ने 2015 में पश्चिमी जवानों के नाम दो ख़त लिखे जिसमें उनसे इस्लाम को बिना किसी माध्यम के सीधे तौर पर पहचानने की अपील की।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने इस ख़त में आतंकवाद के संबंध में अमरीका और पश्चिम की विरोधाभासी नीतियों, इस्लामी जगत पर सैन्य हमले, फ़िलिस्तीन में रक्तपात और हिंसक विचारों से निपटने की ज़रूरत की ओर इशारा किया।

वरिष्ठ नेता का पश्चिमी जवानों के नाम पहला ख़त 50 ज़बानों और दूसरा ख़त 62 ज़बानों में प्रकाशित हुआ। वरिष्ठ नेता का ख़त सोशल साइटों और विभिन्न न्यूज़ एजेंसियों द्वारा प्रकाशित किया गया। (MAQ/N) 

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Dec ०३, २०१७ १४:५३ Asia/Kolkata
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