• वरिष्ठ ईरानी अधिकारी का इंटरव्यू: खोले राज़ पर राज़!

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय परिषद के सचिव अली एडमिरल अली शमख़ानी ने कहा कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन के अवसर पर राष्ट्रपति रूहानी से मुलाक़ात की इच्छा जताई थी लेकिन राष्ट्रपति रूहानी ने मुलाक़ात से इंकार कर दिया था।

उन्होंने कहा कि अमरीकी अधिकारियां एक ओर तो हमारे विरुद्ध उत्तेजक बयान देते हैं और दूसरी ओर ख़ुफ़िया तौर पर वार्ता पेशकश करते हैं।

लेबनान के अलमयादीन टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए अली शमख़ानी ने कई विषयों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि यदि हम चाहते तो ट्रम्प को अपमानित कर देते।

एडमिरल अली शमख़ानी यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन को मिसाइल सप्लाई किए जाने के बारे में सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हमने अंसारुल्लाह आंदोलन को कोई मिसाइल नहीं दिया है, यदि हमने इस प्रकार की मदद की होती तो इसका एलान कर देते जैसे हम फ़िलिस्तीन में इस्लामी प्रतिरोधक मोर्चे की मदद का एलान करते हैं।

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने बताया कि यूरोपीय अधिकारी ईरान से यमन युद्ध रुकवाए जाने के बारे में बात कर रहे हैं और वह सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को अहंकारी व्यक्ति मानते हैं।

एडमिरल अली शमख़ानी ने यह भी बताया कि यमन युद्ध के बारे में सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के बीच बुनियादी मतभेद है, अबू धाबी सऊदी अरब के रवैए से सहमत नहीं है और उसने ईरान के घटकों को इसकी सूचना दे दी है।

एडमिरल अली शमख़ानी ने कहा कि ईराना अरब देशों पर वर्चस्व स्थापित करने का कोई इरादा नहीं रखता उसने तो केवल आतंकवाद से मुक्ति पाने में राष्ट्रों की मदद की है। उन्होंने कहा कि ईरान सबको शीया बनाने के प्रयास में नहीं है बल्कि यह देश फ़िलिस्तीन में विभिन्न सुन्नी संगठनों की मदद कर रहा है क्योंकि तेहरान की नज़र में कसौटी इस्राईल के विरुद्ध संघर्ष को मज़बूत करना है।

सीरिया के विषय में एडमिरल अली शमख़ानी ने कहा कि इस देश में आतंकवादी और उनके समर्थक, क़ानूनी सरकार को गिराने में विफल हो गए और रूस तथा ईरान इस समय दमिश्क़ सरकार के अनुरोध पर इस देश में मौजूद हैं जबकि अमरीकी वहां ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा करके मौजूद हैं और ईरान उन्हें बाहर निकालने के लिए सीरिया की मदद करेगा।

एडमिरल अली शमख़ानी ने कहा कि अमरीका को सीरिया से बाहर निकलना ही पड़ेगा वहां ज़्यादा दिन टिक पाना उसके बस की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हम विश्व संस्थाओं से मांग करते हैं कि वह सीरिया में अमरीकी क़ब्ज़े की निंदा करें लेकिन सीरिया में अमरीका से ईरान का युद्ध नहीं हो रहा है।

अली शमख़ानी ने कहा कि ईरान, रूस और तुर्की सूची सम्मेलन में सीरिया की राष्ट्रीय समिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो वर्तमान संविधान के भविष्य और सीरिया के बारे में फ़ैसला करे। उन्होंने बताया कि सभी पक्षों ने यह बात स्वीकार कर ली है कि राष्ट्रपति असद सत्ता में बने रहेंगे और अगले चुनावों में भाग भी लेंगे।

एडमिरल अली शमख़ानी ने बताया कि सीरिया के सरकार विरोधी संगठनों के कुछ बड़े नेता तेहरान की यात्रा करते रहे हैं लेकिन उन्होंने इन नेताओं का नाम नहीं बताया।

 

Jan ०३, २०१८ ०९:४८ Asia/Kolkata
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