ईरानी राष्ट्र ने देश के ज़्यादातर शहरों में रैली निकाल कर दुश्मनों की नई साज़िशों और सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट करने वाले असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ अपनी नफ़रत दर्शायी।

गुरुवार से ईरान के कुछ शहरों में जनता ने देश की वित्तीय संस्था में जिन लोगों के पैसे डूबे हैं, उनकी स्थिति के निर्धारित न होने, इसी तरह कुछ वस्तुओं की बढ़ती क़ीमत और सरकार की ओर से कमज़ोर निगरानी के ख़िलाफ़ नारे लगाए। इन प्रदर्शनों को कुछ असमाजिक तत्वों ने पूर्व योजना के तहत हिंसक रूप दे दिया और अवसरवादियों ने कई सरकारी केन्द्रों, बैंकों और सार्वजनिक स्थलों को नुक़सान पहुंचाया।

ईरानी राष्ट्र ने बुधवार को पश्चिमी ईरान के ईलाम प्रांत के दहलुरान शहर, दक्षिण-पश्चिमी ईरान के अहवाज़ और इज़े, पश्चिमोत्तरी ईरान के लुरिस्तान, हमेदान, और किरमानशाह, तेहरान के पश्चिम में स्थित अलबुर्ज़ प्रांत, इस्फ़हान और केन्द्रीय प्रांत सहित ज़्यादातर शहरों में इस्लामी व्यवस्था के समर्थन में विशाल रैलियां निकालीं, दुश्मनों की नई साज़िशों की भर्त्सना की, इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी की अकांक्षाओं, इस्लामी क्रान्ति और उसके वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई के आज्ञापालन का संकल्प दोहराया।

1 जनवरी 2017 को ज़न्जान में इस्लामी व्यवस्था के समर्थन में जनता की भव्य रैली की तस्वीर (फ़ार्स न्यूज़ के सौजन्य से)

 

रैलियों में शामिल जनता ने अमरीका मुर्दाबाद, इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगाए और कुछ शहरों में अशांति के ख़त्म होने की मांग की।

रैली में भाग लेने वालों ने देश के अधिकारियों से आर्थिक भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ाई से कार्यवाही करने और जनता की आर्थिक मुश्किलों को हल करने और ख़ास तौर पर बेरोज़गारी को ख़त्म करने के लिए गंभीर क़दम उठाने की मांग की।

हालिया उपद्रव की निंदा में गुरुवार और शुक्रवार को भी रैलियां निकलने का कार्यक्रम है।

दूसरी ओर ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति आयोग के सद्स्य मोहम्मद इब्राहीम रेज़ाई ने कहा कि जनता का रैलियों के लिए निकल आना इस्लामी व्यवस्था की आकांक्षाओं, वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व और ईरानी राष्ट्र के गौरव की रक्षा को दर्शाता है। (MAQ/N)

 

 

Jan ०३, २०१८ १५:१४ Asia/Kolkata
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