• वर्चस्ववादी व्यवस्थाओं के मुक़ाबले दशकों से जारी प्रतिरोध

दशकों तक विश्व वर्चस्ववाद का मुक़ाबला करने के बावजूद ईरान की इस्लामी शासन व्यवस्था पहले से अधिक सशक्त ढंग से मौजूद है।

1979 में ईरान के इतिहास में एेसा परिवर्तन हुआ जिसके कारण न केवल पूरी दुनिया के राजनेता अचंभित हुए बल्कि इसने पूरे संसार को प्रभावित किया।

ईरान की इस्लामी क्रांति ने इस देश से अमरीकी वर्चस्व को समाप्त कर दिया।  इस्लामी क्रांति की सफलता की एतेहासिक घटना के बाद ईरानी राष्ट्र ने अपने ही हाथों अपना भविष्य निर्धारण का संकल्प लिया।  इस दृढ़ संकल्प के ही कारण अमरीका और उसके घटकों ने ईरान की इस्लामी शासन व्यवस्था के विरुद्ध षडयंत्र रचना आरंभ कर दिये।  विभिन्न प्रकार के षडयंत्रों के बावजूद वर्चस्ववादी, ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अपनी चालों में सफल नहीं हो सके।  इस बारे में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि षडयंत्रों और धमकियों की अधिक्ता, ईरान की इस्लामी शासन व्यवस्था की मज़बूती को दर्शाती हैं।  वे कहते हैं कि यदि इस्लामी क्रांति में व्यापक स्तर पर प्रभावित करने की क्षमता नहीं होती तो वे इस प्रकार के कार्य नहीं करते।  39 वर्ष व्यतीत हो जाने के बावजूद इस्लामी क्रांति आज भी वर्चस्ववाद के मुक़ाबले में डटी हुई है।

अमरीका के एक विश्वविख्यात लेखक और विचारक नाॅम चाॅम्सकी का कहना है कि ईरान से पश्चिम की शत्रुता का मुख्य कारण, उनके सामने ईरान का नतमस्तक न होना है।  वे कहते हैं कि जबतक ईरान अमरीकी वर्चस्व के मुक़ाबले में झुकेगा नहीं उस समय तक उसके विरुद्ध षडयंत्रों का क्रम जारी रहेगा।  उधर ईरान की इस्लामी शासन व्यवस्था का संकल्प है कि वह किसी भी स्थिति में अपने स्वावलंबन की अनदेखी नहीं करेगा।  ईरान की इस्लामी क्रांति ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत गहरा प्रभाव डाला है।  इसने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले अन्याय को चुनौती दी है।

हालिया वर्षों में ईरान के विरुद्ध जारी षडयंत्रों की ओर संकेत करते हुए इस्लाम क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई कहते हैं कि हालिया वर्षों में अमरीकी अधिकारियों ने स्पष्ट रूप में ईरान से अपनी शत्रुता दिखाई है जबकि कुछ अन्य छिपकर शत्रुता कर रहे हैं।  वरिष्ठ नेता कहते हैं कि इन षडयंत्रों और शत्रुता का परिणाम यह निकला कि ईरानी राष्ट्र, षडयंत्रों का मुक़ाबला करने के लिए अधिक मज़बूत होकर उभरा है।

Feb ०२, २०१८ १६:०३ Asia/Kolkata
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