इस्लामी गणतंत्र ईरान के उप राष्ट्रपति " इस्हाक़ जहांगीरी" तीन दिवसीय यात्रा पर इराक़ गये हैं। उनकी यह यात्रा इराक़ में आतंकवादी संगठन दाइश के पतन के बाद दोनों देशों के मध्य बढ़ते सहयोग का एक चिन्ह है।

ईरान और इराक़ की लंबी संयुक्त सीमा है और इसी लिए दोनों देशों ने हमेशा ही  एतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक समानताओं के आधार पर एक दूसरे के साथ संबंधों को महत्व दिया है। यह प्रक्रिया  सन 2003 में इराक़ में सद्दाम के पतन के बाद उद्देश्य पूर्व हो गयी और राजनीतिक स्तर पर भी जिस तरह से यह संबंध आगे बढ़े उसने दोनों देशों के संबंधों को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने ईरान के उप राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कोई भी दोनों देशों के संबंधों को खराब नहीं कर सकता और इराक, ईरान के साथ अपने संबधों को सभी  राजनीतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक क्षेत्रों में विस्तृत करेगा। 

ईरान व इराक़ के मध्य संबंधों में विस्तार की तेज़ प्रक्रिया की एक वजह, दोनों देशों की जनता के मध्य गहरे संबंध भी हैं जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच एक अनोखा विश्वास पाया जाता है और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में जिस तरह ईरान, इराक़ के साथ खड़ा नज़र आया वह वास्तव में इसी विश्वास का चिन्ह है। 

ईरान ने बिना किसी लालच के जिस तरह से दाइश के खिलाफ युद्ध में इराक़ का साथ दिया उससे एक बार फिर यह सिद्ध हो गया कि ईरान इस क्षेत्र की सुरक्षा व शांति को कितना महत्व देता है। इराक़ में दाइश की पराजय के बाद दोनों देशों के संबंधों को नये आयाम मिले क्योंकि ईरान ने, बगदाद और अरबील को दाइश से बचा लिया और अब जबकि इराक़ में पुनर्निमाण का दौर है, ईरान इस क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण विस्तृत रूप से इराक़ के साथ सहयोग कर सकता है। यही वजह है कि  ईरान के उप राष्ट्रपति की  बगदाद यात्रा के अवसर पर ईरान ने एलान किया है कि वह इराक के लिए तीन अरब डॅालर की क्रेडिट लाइन खोलने पर तैयार है ताकि ईरानी कंपनियां इराक के पुनर्निमाण में गंभीरता से भाग ले सकें। 

Mar ०८, २०१८ १८:२७ Asia/Kolkata
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