• परमाणु समझौते की समाप्ति अमरीका के हित में नहीं होगीः शमख़ानी

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव ने कहा है कि जेसीपीओए की समाप्ति, अमरीका के हित में नहीं होगी।

अली शमख़ानी ने कहा कि अगर अमरीका, ईरान के मुक़ाबले में आता है तो इस्लामी गणतंत्र ईरान उसके सामने झुकने वाला नहीं है।  उन्होंने ट्रम्प की ओर से परमाणु समझौते के बारे फैसला लेने की घोषणा के संबन्ध में कहा कि मुझको एैसा लगता है कि जेसीपीओए या परमाणु समझौते के बारे में ट्रम्प और अमरीकी सरकार तीन समानांतर रणनीतियां अपनाए हुए है।

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की उच्च परिषद के सचिव का कहना था कि अमरीका ने जो समानांतर रणनीतियां अपनाई हैं वे इस प्रकार हैं।  ईरान के लिए जेसीपीओए को महत्वहीन बनाना।  परमाणु समझौते की आड़ में ईरान से अधिक से अधिक विशिष्टताएं लेना और परमाणु समझौते को समाप्त करना।

उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि यूरोपियों की सबसे बड़ी ग़लती, तुल्नात्मक रूप में ट्रम्प की दूसरी रणनीति का समर्थन करना है कहा कि इस बात की संभावना पाई जाती है कि ट्रम्प इसका साथ देते हुए अपनी घोषणा में तीसरी रणनीति से दूरी बनाए किंतु यह बात सही है कि अब वे यह बात समझ चुके हैं कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, अमरीका के इन तीनों विकल्पों के सामने डट चुका है और वह किसी भी स्थिति में अमरीका को किसी भी प्रकार की विशिष्टता देना नहीं चाहता।

अली शमख़ानी ने कहा कि यह भी हो सकता है कि ट्रम्प, अपनी घोषणा में यूरोपियों को अनदेखा करते हुए तीसरे विकल्प को चुनें हालांकि दूसरा विकल्प भी इसी की भांति है।  उनका कहना था कि यदि परमाणु समझौता, अमरीका के माध्यम से निरस्त किया गया तो निश्चित रूप से यह अमरीका के हित में नहीं होगा।

ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति मंगलवार को ईरान के समय के अनुसार रात साढे दस बजे जेसीपीओए के बारे में अपने दृष्टिकोण का एलान करेंगे।  डोनाल्ड ट्रम्प, अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान कई बार यह कह चुके हैं कि वे परमाणु समझौते को फाड़ देंगे किंतु वे अबतक एेसा कुछ नहीं कर सके।

मई ०८, २०१८ १९:१८ Asia/Kolkata
कमेंट्स