मई २२, २०१८ २०:२९ Asia/Kolkata
  • अगर यूरोप ने दबाव डाला तो ईरान की विदेश नीति पर पुनर्विचार होगाः शमख़ानी

ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा है कि अगर यूरोप की ओर से दबाव डाले जाने का आभास किया गया तो ईरान अपनी विदेश नीति के वर्तमान रुख़ पर पुनर्विचार करेगा।

अली शमख़ानी ने मंगलवार को कहा कि अगर यूरोप ने ईरान पर दबाव डालने के लिए परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बहाने अपनी कटिबद्धिताओं के पालन में अक्षमता प्रकट की तो तेहरान अपनी विदेश नीति पर पुनर्विचार करेगा। उन्होंने कहा कि डोनल्ड ट्रम्प यह सोच कर परमाणु समझौते से निकले हैं कि वे अपनी बातें यूरोप से मनवा लेंगे जबकि न केवल यूरोप व अन्य देशों ने उनका साथ नहीं दिया बल्कि सर्वेक्षणों के अनुसार अमरीका के दो तिहाई लोग भी ट्रम्प के फ़ैसले के विरोधी हैं। शमख़ानी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में ईरान को सीमित करने के अमरीका के प्रयास विफल और वाॅशिंग्टन की कमज़ोरी के सूचक हैं।

 

ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कई बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि की है और परमाणु बम इस्तेमाल करने का घृणित इतिहास रखने वाले एकमात्र देश और बच्चों की हत्या करने वाली पाश्विक ज़ायोनी सरकार का समर्थन करने वाले अमरीका को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है। शमख़ानी ने इसी तरह कहा कि इराक़ व सीरिया में ईरान की उपस्थिति इन देशों की सरकारों के आग्रह पर और आतंकवाद से संघर्ष के लक्ष्य से जारी है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस बात को स्वीकार कर रही है कि आतंकी गुट दाइश को इराक़, सीरिया, लेबनान बल्कि यूरोप तक में बढ़ने से रोकने में ईरान ने प्रभावी भूमिका निभाई है। (HN)

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