अमरीका के विदेशमंत्री ने कहा है कि ईरान के तेल पर प्रतिबंध से कुछ देशों को अलग रखने की अपील की समीक्षा की जा रही है।

अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने इन देशों का नाम लिए बिना कहा कि वाशिंग्टन इन देशों को ईरान के तेल पर प्रतिबंध के क़ानून से अलग रखने की समीक्षा कर रहा है। ईरान के तेल निर्यात पर नवम्बर के महीने से नया प्रतिबंध लगने की संभावना है।

इससे पहले भी अमरीकी विदेशमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि ट्रम्प प्रशासन संभव है कि ईरान से तेल आयत करने वाले कुछ देशों को माफ़ कर दे। अमरीका के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में धमकी देते हुए दावा किया था कि अमरीकी प्रतिबंध लागू होने के बाद, ईरान अपने तेल की एक बूंद भी दूसरे देशों को निर्यात नहीं कर पाएगा।

ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से बाहर निकलने के बाद ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि तेहरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध 4 अगस्त से लागू हो जायेंगे, जिसके तहत ईरान के ऑटोमोटिव सेक्टर और सोने के व्यापार को निशाना बनाया जाएगा।

दूसरे चरण में 6 नवम्बर को ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से तेल निर्यात पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

अमरीकी विदेशमंत्री का हालिया बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने पिछले सप्ताह स्वीट्ज़रलैंड में ईरानी नागरिकों से मुलाक़ात में कहा था कि अमरीकी दावा करते हैं कि वह ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह बंद कर देंगे, वह इस बात का अर्थ नहीं समझते, क्योंकि इसका कोई अर्थ ही नहीं है कि ईरान का तेल निर्यात न हो और क्षेत्र का तेल निर्यात हो, यदि आप यह काम कर सकते तो करें फिर इसका परिणाम देखिएगा। (AK)

Jul ११, २०१८ १६:४८ Asia/Kolkata
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