• अमरीका ने फिर दोहराए ईरान के विरुद्ध निराधार आरोप

पिछले चार दशकों से जबसे ईरान में इस्लामी शासन व्यवस्था अस्तित्व में आई है उस समय से अमरीका, तेहरान के विरुद्ध निराधार आरोप लगाता आ रहा है।

अमरीका जो निराधार आरोप लगाता रहा है उनमे से एक महत्वपूर्ण आरोप आतंकवाद का समर्थन है।  इसी निराधार आरोप को बहाना बनाकर अबतक ईरान के विरुद्ध कई कार्यवाहियां की जा चुकी हैं।

आठ मई 2018 को अमरीका, एकपक्षीय रूप में परमाणु समझौते से निकल गया था जिकसे बाद नए प्रतिबंधों का चरण आरंभ हुआ।  इसके बाद अमरीकी विदेशमंत्री माइम पोम्पियो ने ईरान के साथ वार्ता के लिए बारह शर्तें पेश कीं।  यह विषय अमरीका और गुट पांच धन एक के संबन्धों में दरार का कारण बना है।  अब अमरीका, ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को पूर्ण रूप से रोकने, मिसाइल कार्यक्रम को बंद करने और क्षेत्र में ईरान की गतिविधियों को रुकवाने का इच्छुक है।  

अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने एक बार फिर ईरान विरोधी राग अलापते हुए तेहरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाया है। माइक पोम्पियो ने दावा किया है कि ईरान, क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहा है।  उनका यह भी आरोप है कि ईरान, मध्यपूर्व एवं विश्व में हथियारों का प्रसार कर रहा है।  अमेरिकी विदेशमंत्री ने इसी प्रकार ईरान के संबंध में डोनाल्ड ट्रम्प की शत्रुतापूर्ण नीतियों का समर्थन करते हुए अमेरिकी घटकों का आह्वान किया कि वे ईरान पर अधिक दबाव डालने हेतु ट्रम्प की नीतियों को व्यवहारिक बनाने में वाशिंग्टन की सहायता करें।

माइक पोम्पियो की ओर से ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप एेसी स्थिति में लगाया जा रहा है कि जब अमरीका स्वयं आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक है।  दाइश का अस्तित्व इसी का उदाहरण है।  दाइश ने अमरीका के समर्थन से न केवल क्षेत्र में बल्कि पूरे विश्व में जघन्य अपराध किये हैं।  यह वह बात है जिसे अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी स्वीकार किया है।ट्रम्प का कहना है कि हिलैरी क्लिंटन और ओबामा ने मिलकर दाइश को बनाया है।  ईरान एेसा देश है जो स्वयं आतंकवाद की भेंट चढ़ा है।  उसने अमरीका का समर्थन प्राप्त आतंकवादी गुटों को सफ़ाया करने में इराक़ और सीरिया में अपने सलाहकार भेजकर उनकी सहायता की।  इसीके साथ ईरान, अपने संविधान के अनुसार हर उस आन्दोलन का समर्थन करता रहेगा जो वर्चस्ववाद के विरुद्ध संघर्ष कर रहे हैं जैसे हिज़बुल्लाह और हमास। 

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Aug १८, २०१८ १५:१२ Asia/Kolkata
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