वर्तमान समय में ईरान के शत्रुओं से मुक़ाबले में इस्लामी गणतंत्र ईरान की ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेन्स छावनी, ईरान की सशस्त्र सेना के बहुत ही संवेदनशील भाग में परिवर्तित हो चुकी है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता और ईरान के सुप्रीम कमान्डर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेन्स छावनी को सशस्त्र बल का बहुत ही संवेदनशील भाग बताया है।  उन्होंने दुश्मनों का मुक़ाबला करने में इस डिफेंस छावनी को अग्रिम पंक्ति में बताया।  ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेंस छावनी एक दशक की अपनी गतिविधियों में देश की वायुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर चुकी है।

इस समय संसार के बहुत से रक्षा विशेषज्ञ इस बात को स्वीकार करते हैं कि ईरान की ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेन्स छावनी की कार्य क्षमता बहुत ही उच्च क्षेणी की है।  अमरीका के जानेमाने थिंकटैंक "अमेरिकन इंटरप्राइज़" ने इस संबन्ध में अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ईरान के अधिकारियों के हाथों जिस ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेंस छावनी की नीव रखी गई थी वह अमरीकी सहायता के बिना ही रक्षा उद्योग के क्षेत्र में उत्पादन, शोध और विकास के मार्ग पर बहुत तेज़ी से अग्रसर है।  इसी प्रकार एक अमरीकी रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि आगामी कुछ वर्षों के दौरान ईरान, रक्षा तकनीक के क्षेत्र में अधिक उन्नति करते हुए संभवतः रक्षा से संबन्धित आधुनिक तकनीक तक पहुंच बनाले।  ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेंस छावनी की एक दशक की गतिविधियां, एयर डिफ़ेंस सिस्टम में तेज़ी से विकास को दर्शाती हैं।  बहुत से विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की वायुसेना की एक उल्लेखनीय विशेषता, उसकी प्रभावी हवाई कार्यवायहियां हैं।  

इन्ही बातों के दृष्टिगत इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता और ईरान के सुप्रीम कमान्डर आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेन्स छावनी को सशस्त्र बल का अति संवेदनशील भाग बताया है।  रविवार को ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेन्स छावनी के कमान्डरों और अधिकारियों ने एयर डिफ़ेन्स छावनी दिवस पर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की थी।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ने सेना के एयर डिफ़ेन्स सिस्टम की क्षमता व तैयारी को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि राजनैतिक समीकरणों की दृष्टि से इस समय जंग की संभावना नहीं है, फिर भी सशस्त्र बल को चाहिए कि वह बड़ी समझदारी तथा सैन्य उपकरणों व मानव संसाधन की दृष्टि से अपनी क्षमता को दिन प्रतिदिन बढ़ाए।   आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि यह जान ले कि सशस्त्र बल की तैयारी की दिशा में बढ़ने वाला हर क़दम ईश्वर के निकट उपासना जैसा है।

Sep ०३, २०१८ १५:२८ Asia/Kolkata
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