• इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े के गुंबद पर शोक का परचम लहरा दिया गया + फ़ोटो

मुहर्रम का महीना शुरू होने और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के दिनों के आगमन के साथ ही मशहद में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े के गुंबद पर शोक का परचम लहरा दिया गया है।

आज मंगलवार 11 सितम्बर वर्ष 2018 को पहली मुहर्रम सन 1440 हिजरी है। मुहर्रम के महीने की दसवीं तारीख़ को ही पैग़म्बरे इस्लाम के प्रिय नाती इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को कर्बला में भूखा प्यासा शहीद कर दिया गया था। इस उपलक्ष्य में ईरान के पवित्र नगर मशहद में हर साल पहली मुहर्रम को पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े के गुंबद के परचम को शोक की निशानी के रूप में बदल दिया जाता है। यह काला परचम 63 दिनों तक गुंबद पर लहराता रहता है। आम दिनों में गुंबद का परचम रहे रंग का होता है लेकिन मुहर्रम और सफ़र में गुंबद पर काले रंग का परचम लहराया जाता है।

 

सोमवार को ज़िल्हिज्जा महीने की अंतिम तारीख़ समाप्त होने और मुहर्रम का महीना शुरू होने पर इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पवित्र रौज़े में एक शोक सभा आयोजित हुई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस शोक सभा के बाद परंपरागत ढंग से रौज़े के गुंबद के हरे परचम को उतार कर उसके स्थान पर काला ध्वज फहरा दिया गया। इस अवसर के कुछ चित्रः

 

टैग्स

Sep ११, २०१८ ०८:४३ Asia/Kolkata
कमेंट्स