• वाइट हाऊस, आतंकवादियों के समर्थकों की सेवा में हैः ज़रीफ़

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने 11 सितम्बर की घटना की बरसी पर दुनिया में आतंकवाद के समर्थन के बारे में अमरीका की नीतियों की आलोचना की।

विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने मंगलवार को ट्वीट किया कि 11 सितम्बर की घटना के 17 साल बाद, इस्लामी गणतंत्र ईरान वह पहला देश है जिसने इस त्रासदी की निंदा की और इस घटना में मारे गये लोगों के प्रति सांत्वना व्यक्त की और दाइश तथा नुस्रा फ़्रंट सहित आतंकवादी गुटों और अलक़ायदा के विरुद्ध व्यवहारिक कार्यवाही की, इसका परिणाम यह निकला कि उस पर 11 अरब डाॅलर का जुर्माना लगा दिया गया और ईरानी नागरिकों के अमरीका प्रवेश पर रोक लगा दी गयी। 

विदेशमंत्री ने कहा कि वाइट हाऊस ने आतंकवादियों के समर्थकों को जिनके नागरिक 11 सितम्बर की घटना में लिप्त हैं, अपनी विदेश नीति नीलाम कर दिया है। 

वर्ष 2017 में ग्यारह सितम्बर की घटना की हांच करने वाली कांग्रेस की समिति के 28 पेज सार्वजनिक हुए जिसमें कहा गया कि ग्यारह सितम्बर की घटना को अंजाम देने के लिए जिन 19 लोगों ने विमान हाईजैक किया था उनमें से 15 सऊदी और 2 संयुक्त अरब इमारात के नागरिक थे और उनका सऊदी और संयुक्त अरब इमारात के अधिकारियों द्वारा वित्तीय समर्थन किया गया था। (AK)

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Sep ११, २०१८ २०:२९ Asia/Kolkata
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