• ऐसे होते हैं इमाम हुसैन के चाहने वाले... तेहरान के एक बस चालक का अलग अंदाज़ ...किराया लेने से पहले नाम पूछता है...लेकिन क्यों?

अब्बास इमरानी, की उम्र 62 साल हो चुकी है, वह तेहरान में बस चलाते हैं, लेकिन खास बात यह है कि वह कुछ खास नाम वालों से खास दिनों में किराया नहीं लेते।

     अब्बास इमरानी पहली मुहर्रम से सत्रहवीं मुहर्रम तक, हुसैन, अब्बास, अबुलफज़्ल, अली अकबर, अली अगसर, क़ासिम, फातेमा, ज़हरा, मर्ज़िया, राज़िया, सिद्दीक़ा, ज़ैनब, कुबरा, और रुक़ैया नाम रखने वाले यात्रियों से किराया नहीं लेते क्योंकि वह इन यात्रियों का नाम का बेहद सम्मान करते हैं।

     याद रहे यह सारे नाम, मुहर्रम में कर्बला में घटने वाली महात्रासदी से संबंधित हैं।

      अब्बास इमरानी इसी तरह पैगम्बरे इस्लाम की पुत्री और हज़रत अली की पत्नी तथा इमाम हुसैन की मां , हज़रत फातेमा की शहादत की तारीखों में " सैयद" और उनका नाम रखने वाले यात्रियों से बस का किराया नहीं लेते।

     जब अब्बास इमरानी से पूछा गया कि वह यह काम क्यों करते हैं ? तो उन्होंने कहा कि "  मैं चाहता हूं कि इन लोगों को पता चले कि वह कितनी बड़ी हस्तियों का नाम रखते हैं और उनके नाम का क्या महत्व है, जब कोई कहता है कि मेरा नाम हुसैन या अब्बास है तो मेरा दिल खुशी से भर जाता है और खास तौर पर जब बच्चों को पता चलता है कि उनके नाम की वजह से उनसे किराया नहीं लिया जाएगा तो वह बड़े शौक़ और गर्व से अपना नाम अब्बास या हुसैन बताते हैं तो यह देख कर मुझे बहुत खुशी होती है। "

अब्बास इमरान ने अपनी बस में लिख कर लगा रखा है कि कौन- कौन से नाम वाले यात्रियों से वह किराया नहीं लेंगे

 

 अब्बास इमरानी कहते हैं कि " मेरे इस काम का महिलाएं ज़्यादा स्वागत करती हैं लेकिन बहुत से लोग अपना नाम नहीं बताते और उन्हें लगता है कि मुझे किराया देना चाहिए इस लिए वह नाम बताए बिना किराया देकर चले जाते हैं।"

     अब्बास इमरानी बताते हैं कि बरसों से वह यह कर रहे है। वह कहते हैं कि कभी कभी कोई यात्री, कई गुना अधिक किराया देता है और कहता है कि यह मेरी तरफ से उन लोगों का किराया है जिन से तुम किराया नहीं लेते।

     वह बताते हैं कि कभी कभी छात्र मज़ाक में सारे के सारे अपना नाम वही बताते हैं जिनकी वजह से मैं किराया नहीं लेता मगर उतरने के बाद दे देते हैं।

          अब्बास इमरानी की बस के बहुत से यात्री हमेशा सफर करते हैं तो उन्हें न नाम बताने की ज़रूरत होती है न किराया देने की।

     अब्बास इमरान ने अपनी बस में लिख कर लगा रखा है कि कौन- कौन से नाम वाले यात्रियों से वह किराया नहीं लेंगे। (Q.A.)

 

टैग्स

Sep १९, २०१८ १९:३२ Asia/Kolkata
कमेंट्स