• अहवाज़ की आतंकी घटना कब, कैसे और किन लोगों द्वारा अंजाम दी गई? ट्रेनिंग कहां से ली थी? ब्योरा + फोटो

ईरान की सेना ने कहा है कि शनिवार को अहवाज़ में परेड पर हमला करने वाले आतंकी अमरीका व इस्राईल की गुप्तचर सेवा के एजेंट थे और उन्हें फ़ार्स की खाड़ी के दो देशों में ट्रेनिंग दी गई थी।

ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर अबुलफ़ज़्ल शिकारची ने बताया कि सीआईए और मूसाद के चार एजेंटों ने शनिवार को सेना की परेड पर हमला किया और इन आतंकियों को पैसा, हथियार और ट्रेनिंग फ़ार्स की खाड़ी के दो तटवर्ती देशों में दी गई थी। उन्होंने बताया कि हमारी जांच के अनुसार शुक्रवार को इन आतंकियों ने हथियार देश में पहुंचाए थे और परेड के स्थान के पास छिपा दिए थे। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सुबह नौ बजे चार आतंकवादियों ने कलाशनिकोव राइफ़लों से लोगों और परेड में हिस्स लेने वाले सैनिकों पर अंधाधुंध फ़ायरिंग कर दी।

 

सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर अबुलफ़ज़्ल शिकारची ने बताया कि सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्यवाही करते हुए तीन आतंकियों को घटनास्थल पर ही मार गिराया जबकि एक अन्य घायल हो गया जिसे अस्पताल पहुंचा गया किंतु उसने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि अधिकतर शहीद व घायल होने वाले आम नागरिक हैं और चूंकि अनेक घायलों की स्थिति चिंताजनक है इस लिए शहीदों की संख्या बढ़ सकती है। इस समय तक कम से कम 24 लोग शहीद हो चुके हैं। प्रवक्ता ने इस सवाल के जवाब में कि क्या आतंकियों का संबंध इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था के दुश्मन किसी विशेष गुट से है? कहा कि ये आतंकी न दाइश गुट के थे और न ही इस्लामी व्यवस्था के किसी दुश्मन गुट के बल्कि इन लोगों को फ़ार्स की खाड़ी के दो तटवर्ती देशों ने ट्रेनिंग दी थी और इन्हें ईरान के भीतर भेजा था। ये आतंकी अमरीका व इस्राईल के पिट्ठू थे। (HN)

Sep २२, २०१८ १६:५२ Asia/Kolkata
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