• आतंकवादियों ने अहवाज़ को ही टारगेट क्यों क्या? आतंकवादियों के गुरू अब होशियार हो जायें

ईरान की राजधानी तेहरान की तुलना में सुरक्षा का स्तर कम होने और इराक़ की सीमा से निकट होने के कारण, अहवाज़ आतंकवादियों के लिए एक आसान टारगेट बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस भीषण आतंकवादी हमले के पीछे सऊदी अरब और उसके घटकों का हाथ है।

तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर फ़ुआद ईज़दी ने आरटी से बात करते हुए कहा, आतंकवादियों ने अहवाज़ को इसलिए चुना, क्योंकि वे एक आसान लक्ष्य की खोज में थे।

उन्होंने कहा, सैन्य परेड देखने के लिए वहां बहुत से आम नागरिक मौजूद थे, और फ़ायरिंग अंधाधुंध की गई, जिसके कारण पीड़ितों में 4 से 5 बच्चे भी शामिल हैं।

दूसरी ओर, ईरानी पत्रकार अब्बास असलानी का कहना है कि भौगोलिक स्थिति भी अहवाज़ के लक्ष्य बनने में ध्यान योग्य है।

ईरान का यह शहर दक्षिण पश्चिम में स्थित है, जो इराक़ी सीमा के निकट है, इसी कारण उनकी पहुंच के लिए यह एक आसान लक्ष्य हो सकता था।

8 वर्षीय ईरान-इराक़ युद्ध की समाप्ति की याद में पूरे देश में सैन्य परेड का आयोजन किया जाता है, लेकिन तेहरान में सुरक्षा का स्तर बहुत ऊंचा होता है, इसलिए कि आतंकवादियों की पहली कोशिश तेहरान को निशाना बनाने की होती है।

ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि तेहरान, आतंकवाद के क्षेत्रीय प्रायजकों और उनके गुरू अमरीका को इस आतंकवादी हमले के लिए ज़िम्मेदार मानता है।

हालांकि अलगाववादी आतंकवादी गुट अल-अहवाज़िया ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है, जो पहले भी आतंकवादी हमले अंजाम दे चुका है और सऊदी अरब इसका समर्थन करता रहा है।

सऊदी अरब के राष्ट्रीय दिवस पर इस गुट के सरग़ना ने आले सऊद शासन को बधाई देते हुए ईरान के ख़िलाफ़ समर्थन में वृद्धि की अपील की थी।

सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने हाल ही में कहा था कि हम लड़ाई को ईरानी सीमाओं के भीतर ले जाना चाहते हैं।

हालांकि अहवाज़ आतंकवादी हमले के बारे में अभी तक सऊदी अरब ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

लेकिन जैसा कि ईरानी अधिकारियों ने कहा है, तेहरान इस हमले का जवाब ज़रूर देगा और आतंकवाद के समर्थकों को कराहने पर मजबूर कर देगा। msm

 

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Sep २३, २०१८ १६:०७ Asia/Kolkata
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