न्यूयार्क में ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी की उपस्थिति और अमेरिका के शत्रुतापूर्ण क्रिया­ ­कलापों को चुनौती देने के लिए महत्वपूर्ण अवसर है

राष्ट्रसंघ की महासभा के वार्षिक अधिवेशन में उपस्थिति राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय लेन- देन की दृष्टि से विश्व के विभिन्न देशों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। विभिन्न मामलों के बारे में अपने दृष्टिकोणों को बयान करने के लिए यह अवसर ईरान के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।

22 सितंबर को ईरान के अहवाज़ नगर में एक भारी आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 25 लोग शहीद और 60 घायल हुए थे। शहीद होने वालों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है।

इस आतंकवादी हमले से विश्ववासियों ने यह वास्तविकता देख ली कि ईरान भी आतंकवाद की भेंट चढ़ने वाला देश है।

विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थिरता उत्पन्न करने और अपने लक्ष्यों को साधने के लिए अमेरिका आतंकवादी गुटों का प्रयोग हथकंडे के रूप में करता है। इसी प्रकार अमेरिका आतंकवाद से मुकाबले के बहाने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है।

अफ़ग़ानिस्तान, इराक, सीरिया और यमन वर्षों से आतंकवादी गतिविधियों के गढ़ बने हुए हैं और इन देशों को अमेरिका, इस्राईल और सऊदी अरब ने अपनी अतिक्रमणकारी कार्यवाहियों का लक्ष्य बना रखा है और इनके षडयंत्रों एवं आतंकवादी गतिविधियों के कारण इराक, सीरिया, अफ़ग़ानिस्तान और यमन जैसे देशों को अपूर्णीय क्षति का सामना है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत सी चुनौतियां भी हैं जिनकी जड़ विशिष्टता पर आधारित अमेरिकी नीतियां हैं। इसका एक उदाहरण ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते से एक पक्षीय रूप से अमेरिका का निकल जाना है।

परमाणु समझौते के बाद जो लेन- देन आरंभ हुआ वह अमेरिका को बिल्कुल पसंद नहीं आया और डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर निराधार आरोप मढ़कर इस अंतरराष्ट्रीय समझौते से एकपक्षीय रूप से निकल गये।

ट्रंप के इस कार्य का लक्ष्य ईरान के राजनीतिक और आर्थिक संबंधों की दिशा में विघ्न उत्पन्न करना है। इसी प्रकार अमेरिका ने मुक्त विश्व व्यापार की प्रक्रिया में भी बाधायें उत्पन्न की हैं जो किसी भी देश के हित में नहीं हैं।

अमेरिका हमेशा क्षेत्र को अशांत बनाने और आतंकवादियों का समर्थन करके क्षेत्र के विभाजन की चेष्टा में है जबकि क्षेत्र को शांति व सुरक्षा और आर्थिक विकास की ज़रूरत है।

बहरहाल इस प्रकार की परिस्थिति में न्यूयार्क में ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी की उपस्थिति और अमेरिका के शत्रुतापूर्ण क्रिया­ ­कलापों को चुनौती देने के लिए महत्वपूर्ण अवसर है और ईरानी राष्ट्र ने बारमबार दर्शा दिया है कि वह न तो किसी के लिए चुनौती है और न ही किसी की धमकी से प्रभावित होगा। MM

 

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Sep २४, २०१८ २०:४२ Asia/Kolkata
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