• संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रपति रूहानी का भाषण, अमरीका के रवैए पर उठाए गंभीर सवाल

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में भाषण देते हुए परमाणु समझौते, अमरीका की नीतियों, आतंकवाद, अंतर्राष्ट्रीय शांति, क्षेत्र में ईरान की सहयोगात्मक भूमिका सहित कई मुद्दों पर ईरान का पक्ष रखा।

डाक्टर रूहानी ने मंगलवार को न्यूयार्क में राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि परमाणु समझौता एक दशक से अधिक समय के कूटनैतिक प्रयासों का परिणाम था और अमरीका अंतर्राष्ट्रीय नियमों और क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए उस बहुपक्षीय समझौते से निकल गया जिसे सुरक्षा परिषद ने भी पारित किया था।

डाक्टर हसन रूहानी का कहना था कि अमरीका अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को वर्चस्ववादी नज़रिए से देखता है उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस बात की अनुमति न दे कि उसके पारित किए हुए प्रस्ताव कुछ सदस्यों के चुनावी हथकंडों की भेंट चढ़ जाएं।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के बारे में अमरीका की ग़लत नीतियों को विफलता के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला है, विदेश नीति के पटल पर ईरान का रूख हमेशा बहुपक्षीय सहयोग तथा अंतर्राष्ट्रीय रूप से मान्य सिद्धांतों पर अमल करना रहना है।

डाक्टर रूहानी ने ईरान से बातचीत के बारे में अमरीकी अधिकारियों के चालाकी भरे बयानों का हवाला देते हुए कहा कि प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करने वाले अमरीका से ईरान किस मापदंड के आधार पर नया समझौता कर सकता है। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि कोई भी वार्ता अगर होगी तो सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के तहत होगी उसके विपरीत नहीं और न ही उससे पहले की स्थिति में वापस जाकर कोई बातचीत होगी।

सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2231 वह प्रस्ताव है जिसमें छह देशों के साथ ईरान के परमाणु समझौते को स्वीकृति दी गई है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान की नीति है न युद्ध, न प्रतिबंध, न धमकी, न धौंस, केवल वादों पर अमल और क़ानून का पालन। उन्होंने कहा कि ईरान पूरे मध्यपूर्व में शांति और लोकतंत्र की स्थापना का समर्थन करता है।

डाक्टर रूहानी ने इलाक़े में आतंकवाद से ईरान के मुक़ाबले का हवाला देते हुए कहा कि ईरानियों ने कल और आज आतंकवाद का निशाना बनने वाले राष्ट्र के रूप में हमेशा आतंकवाद से संघर्ष में पहली पंक्ति में रहकर अपनी भूमिका निभाई है और निभाते रहेंगे।

डाक्टर रूहानी ने कहा कि ईरान की जनता आज दर्जनों बेगुनाह इंसानों की शहादत का शोक मना रही है जो गत शनिवार को आतंकियों के हाथों शहीद कर दिए गए उन आतंकियों के हाथों जो बड़ी बेशर्मी से कुछ पश्चिमी देशों की राजधानियों में घूमते फिरते हैं उन्होंने पेट्रो डालर से चलने वाले टीवी चैनलों से बातचीत में इस हमले की ज़िम्मेदारी क़ुबूल की।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान की विदेश नीति का प्राथमिकता क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाना और पड़ोसियों से सहयोग बढ़ाना है।

राष्ट्रपति रूहानी ने यमन युद्ध की आलोचना की और यमनी पक्षों के बीच वार्ता को संकट का एकमात्रा समाधान बताया। उन्होंने फ़िलिस्तीन संकट को इस्लामी जगत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया और कहा कि ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा चाहे जितना पुराना हो जाए उसे क़ानूनी हैसियत नहीं मिल सकती।

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Sep २६, २०१८ ०७:४८ Asia/Kolkata
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