Dec १०, २०१८ ११:५५ Asia/Kolkata
  • अगर शांति वार्ता विफल रही तो फिर मुक़ाबले के अलावा कोई मार्ग नहीं बचेगाः अंसारुल्लाह

यमन के अंसारुल्लाह संगठन ने कहा है कि अगर स्टाकहोम में जारी शांति वार्ता विफल हो गई तो फिर देश के दुश्मनों से मुक़ाबले के अलावा कोई मार्ग नहीं बचेगा।

स्वीडन की राजधानी स्टाकहोम में यमनी पक्षों के बीच शांति वार्ता में अंसारुल्लाह संगठन के प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने इस बात की तरफ़ इशारा करते हुए कि उनके दल ने स्वीडन में सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से वार्ता की है, कहा कि इन मुलाक़ातों में उन्होंने गंभीर राजनैतिक वार्ता में शामिल होने के लिए सऊदी अरब पर दबाव डाले जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सऊदी गठबंधन को अपराध की आदत पड़ चुकी है और यमन के विभिन्न क्षेत्रों में दुश्मन के भारी हमलों के बावजूद अंसारुल्लाह के दल ने शांति वार्ता में भाग लिया है।

 

अंसारुल्लाह संगठन के प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने शांति वार्ता में भाग लेने के लिए स्वीडन पहुंचने पर कहा था कि यह दल हथियार डालने के लिए नहीं बल्कि शांति के लिए स्वीडन आया है और सऊदी गठबंधन को यमन पर अपने हमले बंद करने चाहिए। ज्ञात रहे कि यमन में शांति स्थापना के लिए वार्ता का चौथा चरण 6 दिसम्बर से स्वीडन में आयोजित हुआ है जिसमें यमनी पक्षों के अलावा यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष प्रतिनिधि मार्टि ग्रिफ़िथ्स भी मौजूद हैं। वार्ता का यह चरण 6 सितम्बर को आयोजित होने वाला था लेकिन सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात की ओर से रोड़े अटकाए जाने के बाद इसे विलंबित कर दिया गया था। (HN)

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