Dec १६, २०१८ ०९:३२ Asia/Kolkata
  • इस फ़ाइल फ़ोटो में ईरान का क़द्र मीज़ाईल एक अभ्यास के दौरान टेस्ट के लिए फ़ायर होता (इरना के सौजन्य से)
    इस फ़ाइल फ़ोटो में ईरान का क़द्र मीज़ाईल एक अभ्यास के दौरान टेस्ट के लिए फ़ायर होता (इरना के सौजन्य से)

ईरान ने साफ़ तौर पर कहा है कि मीज़ाईल कार्यक्रम पूरी तरह रक्षात्मक उद्देश्य के लिए है जिस पर किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता।

विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने दोहा स्थित अलजज़ीरा टीवी चैनल से इंटरव्यू में यह बात कही।

ईरानी विदेश मंत्री ने इस इंटरव्यू में जो शनिवार को प्रसारित हुआ, कहाः "पहली बात तो यह है कि ईरान का मीज़ाईल रक्षा के लिए है और हमें इसकी निवारण के लिए ज़रूरत है। क्षेत्र में हमारे सैन्य ख़र्च किसी भी देश की तुलना में कम हैं, यही वजह है कि हम शुरु से कहते आ रहे हैं कि हम मीज़ाईल के विषय पर बात नहीं करेंगे।"

उन्होंने जो दोहा फ़ोरम-2018 में भाग लेने क़तर गए थे, अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही। पोम्पियो ने 1 दिसंबर 2018 को अपने ट्वीटर हैंडल पर दावा किया कि ईरान ने "अभी मध्यम दूरी का बैलिस्टिक मीज़ाईल फ़ायर किया जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 का उल्लंघन है।"

पोम्पियो के दावे के जवाब में ज़रीफ़ ने कहा कि प्रस्ताव 2231 में ईरान को मीज़ाईल टेस्ट करने से मना नहीं किया गया है बल्कि परमाणु वॉरहेड्स ले जाने वाले मीज़ाईल टेस्ट से मना किया गया है। (MAQ/N)

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