Dec १६, २०१८ १७:२१ Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रांति के नेता के मार्गदर्शनों ने अमरीकी चालों को विफल बना दियाः रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री ने कहा है कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शनों और युक्तियों ने क्षेत्र में अशांति व अस्थिरता उत्पन्न करने की अमरीका की साज़िशों को विफल बना दिया है।

ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातमी ने एक कार्यक्रम में कहा कि वरिष्ठ नेता के रक्षा संबंधी विचारों व दृष्टिकोणों से आगामी पीढ़ियों को अवगत कराना चाहिए ताकि उन्हें पता चले कि हमने इस उतार चढ़ाव भरे समय को कैसे पीछे छोड़ा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वरिष्ठ नेता के विचार निश्चित रूप से आगामी पीढ़ियों के मार्ग का चिराग़ सिद्ध होंगे और गर्व का कारण बनेंगे। रक्षा मंत्री ने क्षेत्र में अमरीका की उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीकी, ग्यारह सितम्बर की घटना के बाद ईरान व अफ़ग़ानिस्तान पर वार करने के लिए क्षेत्र में आए थे। उन्होंने कह कि उस विशेष समय में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने जो सही व रणनैतिक युक्तियां अपनाईं उनके चलते अमरीकियों को पराजय हुई और वे क्षेत्र से जाने पर मजबूर हो गए।

 

ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातमी ने लेबनान के 33 दिवसीय युद्ध की तरफ़ इशारा किया और कहा कि ज़ायोनी शासन के साथ कुछ इस्लामी देशों की सांठ-गांठ दुश्मन की वह चाल थी जो इस्लामी क्रांति के ख़िलाफ़ चली गई थी लेकिन यह चाल भी विफल रही और ज़ायोनी शासन को लज्जाजनक हार का मुंह देखना पड़ा तथा उसके अजेय होने का मिथक टूट गया। उन्होंने कहा कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के वीर नेता सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि इन 33 दिनों में कई बार आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि प्रतिरोध करते रहिए कि आप ही विजयी होंगे। ईरान के रक्षा मंत्री ने कहा कि तेहरान ने लेबनान की क़ानूनी सरकारों का समर्थन किया जिसके कारण दुश्मनों की चालें विफल हो गईं और प्रतिरोध का मोर्चा अस्तित्व में आया। (HN)

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