Apr २२, २०१९ १६:०६ Asia/Kolkata
  • ईरान-पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ संयुक्त फ़ोर्स गठन पर सहमत, ईरान विरोधी किसी भी एलायंस का हिस्सा नहीं बनेगा पाकिस्तान

इस्लामी गणतंत्र ईरान और पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों का सफ़ाया करने के लिए संयुक्त फ़ोर्स के गठन पर सहमति की है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के तेहरान दौरे के अवसर पर यह सहमति हुई, दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कहना है कि पाकिस्तान किसी भी ऐसे एलायंस का हिस्सा नहीं बनेगा जो ईरान के विरुद्ध हो।

ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने मेहमान प्रधानमंत्री से वार्ता के बाद संयुक्त फ़ोर्स के गठन पर सहमति की घोषणा की और आशा जताई कि दोनों देश अपने ऐतिहासिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेंगे।

बंद दरवाज़ों के पीछे अपनी वार्ता के बाद डाक्टर रूहानी ने कहा कि हम दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने तथा आतंकवाद से लड़ने के लिए संयुक्त सीमा पर रैपिड ऐक्शन फ़ोर्स के गठन पर सहमत हुए हैं।

पहले से अपेक्षा थी कि संयुक्त सीमा की सुरक्षा का मुद्दा वार्ता में प्रमुखता से उठाया जाएगा। इमरान ख़ान की ईरान यात्रा से पहले कई शहीद ईरानी सीमा सुरक्षा कर्मियों के परिवारों ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था कि वह पाकिस्तान की धरती से सरलता के साथ ईरान में प्रवेश करने वाले आतंकी तत्वों के विरुद्ध तत्काल ठोस कार्यवाही करें।

राष्ट्रपति रूहानी ने सोमवार को इमरान ख़ान के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दुर्भाग्यवश पिछले कुछ महीनों में हमने कुछ आतंकियों की हरकतों के कारण कुछ तनाव देखा मगर हमें ख़ुशी है कि पाकिस्तान यह अमानवीय गतिविधियां करने वाले तत्वों को आतंकी मानता है और उनसे आतंकियों जैसा बर्ताव कर रहा है।

रूहानी ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से उनकी मुलाक़ात आपसी संबंधों में मील का पत्थर है और ईरान तथा पाकिस्तान बाहरी दबाव के बावजूद अपने संबंधों को आगे बढ़ाते रहेंगे।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान किसी भी ऐसे एलायंस का हिस्सा नहीं बनेगा जो ईरान के विरुद्ध हो।

डाक्टर रूहानी ने कहा कि ईरान पाकिस्तान को गैस और तेल की सप्लाई करने और बिजली की सप्लाई बढ़ाने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति रूहानी का कहना था कि हम ईरान की चाबहार और पाकिस्तान की गवादर बंदरगाह के मध्य व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं और हम इन बंदरगाहों को एक रेलवे लाइन से जोड़ सकते हैं।

राष्ट्रपति रूहानी ने बताया कि मुलाक़ात में क्षेत्रीय सुरक्षा के संबंध में भी बातचीत हुई और अफ़ग़ानिस्तान समस्या के समाधान पर भी ज़ोर दिया गया। अमरीका की ओर से पासदाराने इंक़ेलाब फ़ोर्स को आतंकी संगठन घोषित किए जाने और गोलान हाइट्स के बारे में वाशिंग्टन के स्टैंड पर भी बात हुई।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान, तुर्की और पाकिस्तान के संबंध बहुत अच्छे हैं जिन्हें और विस्तार देने और तीनों देशों के बीच रेलवे की व्यवस्था स्थापित करने की ज़रूरत है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद की रोकथाम के संबंध में सहयोग बढ़ाने इस बात को सुनिश्चित करने पर बल दिया है कि दोनों देशों में कोई भी एक दूसरे के ख़िलाफ़ अपनी भूमि प्रयोग नहीं होने देगा।

इमरान ख़ान ने कहा कि आतंकी घटनाएं दोनों देशों के संबंधों पर असर डालती हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पूरा नेतृत्व इस बात पर एकमत है कि पाकिस्तान में किसी भी चरमपंथी संगठन को अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही किसी दूसरे देश के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी धरती का प्रयोग करने दिया जाएगा।

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