Sep १०, २०१९ २०:४६ Asia/Kolkata
  • ज़ायोनी प्रधानमंत्री बार बार झूठ बोलते हैं ताकि उनका झूठ सच समझा जाने लगे मगर हुआ यह कि वह सारी दुनिया में झूठे के रूप में पहचाने जाने लगे

परमाणु ऊर्जा की अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी आईएईए ने एक बार फिर अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के संबंध में जो क़दम उठाए हैं वह परमाणु समझौते के दायरे में हैं मगर इस बीच ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने बेबुनियाद दावा दोहराया कि ईरान की परमाणु गतिविधियों का सामरिक पहलू है और ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सोमवार की शाम नेतनयाहू के इस बेबुनियाद दावे के जवाब में ट्वीट किया कि जिनके पास परमाणु हथियार मौजूद हैं वह झूठे चरवाहे की तरह ईरान में काल्पनिक परमणु साइट की बातें कर रहे हैं।

विदेश मंत्री ज़रीफ़ ने अपने ट्वीट में लिखा कि इस्राईल के प्रधानमंत्री और बी टीम को बेगुनाहों के ख़ून की कोई चिंता है न ही अन्य सात ट्रिलियन डालर स्वाहा हो जाने की, यह टीम तो केवल युद्ध का ढोल पीटने में व्यस्त है।

बी टीम में बिनयामिन नेतनयाहू, बिन सलमा, बिन ज़ायद और जान बोल्टन शामिल हैं जो युद्धोन्मादी विचार वाली टीम के नाम से अमरीका के भीतर भी कुख्यात है।

जब भी अंतर्राष्ट्रीय सस्थाओं ने ईरान की परमाणु गतिविधियों के बारे में अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि वह केवल सिविलयन उद्देश्यों तक सीमित है तत्काल ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने अपने बेबुनियाद दावे दोहराकर भ्रांति फैलाने की कोशिश करते हैं लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाती क्योंकि नेतनयाहू विश्व स्तर पर झूठे नेता के रूप में जाने जाते हैं।

नेतनयाहू बहुत समय से इस कोशिश में हैं कि अमरीका ईरान पर हमला कर दे लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि मध्यपूर्व के इलाक़े में अमरीका ने 7 ट्रिलियन डालर की रक़म ख़र्च की और उसे कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इसी बिंदु की ओर विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अपने ट्वीट में भी संकेत किया है।

ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू एसी स्थिति में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बेबुनियाद दावे कर रहे हैं कि जब इस्राईल ने सैकड़ों परमाणु बम बना रखे हैं। ज़ायोनी शासन अमरीका की मदद से अपना सामरिक परमाणु कार्यक्रम चला रहा है और अपने परमाणु वारहेड्स की संख्या लगातार बढ़ाता जा रहा है।

इस स्थिति में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में नेतनयाहू का दावा अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और क़ानूनों का मज़ाक़ उड़ाने के समान है।

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