• 10 दिसंबर 2016 की इस तस्वीर में अदन में सैन्य कैंप में हुए घातक हमले के बाद, ज़मीन पर पड़े शव के निकट इकट्ठा यमनी नागरिक दिखाई दे रहे हैं।
    10 दिसंबर 2016 की इस तस्वीर में अदन में सैन्य कैंप में हुए घातक हमले के बाद, ज़मीन पर पड़े शव के निकट इकट्ठा यमनी नागरिक दिखाई दे रहे हैं।

यमन के दक्षिणी बंदरगाही शहर अदन में इस देश के पूर्व राष्ट्रपति मंसूर हादी के 40 किराए के मिलिटेंट्स मारे गए। ये मिलिटेंट्स एक आत्मघाती हमले में मारे गए।

रविवार को यह घटना अदन के अलअरीश इलाक़े में स्थित अस्सुलबान सैन्य छावनी में उस समय घटी जब एक आत्मघाती ने हादी के समर्थक मिलिटेंट्स के बीच पहुंच कर ख़ुद को धमाके से उड़ा लिया। हादी के समर्थक मिलिटेंट्स इस छावनी में अपनी तन्ख़वाह लेने के लिए इकट्ठा हुए थे।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इस हमले में बहुत से मिनिटेंट्स घायल भी हुए हैं।

रिपोर्ट मिलने तक किसी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली थी।

ज्ञात रहे 10 दिसंबर को अदन में ही एक सैन्य कैंप में इसी तरह के एक आत्मघाती हमले में हादी के समर्थक 48 मिलिटेंट्स मारे गए और 29 घायल हुए थे। इस हमले की ज़िम्मेदारी दाइश ने ली थी।

एक साल से ज़्यादा समय से यमन के दूसरे सबसे बड़े शहर अदन पर हादी के समर्थकों का क़ब्ज़ा है, जो सऊदी अरब के घटक हैं।

हादी समर्थक मिलिटेंट्स इस शहर में शांति व व्यवस्था क़ाएम करने में अब तक नाकाम रहे हैं। इस शहर में पिछले महीनों के दौरान अलक़ाएदा और दाइश से जुड़े तत्वों के आतंकी हमलों में तेज़ी आयी है।

ग़ौरतलब है कि यमन पर एक साल से ज़्यादा समय से सऊदी अरब द्वारा थोपी गयी जंग के नतीजे में उत्पन्न स्थिति से तकफ़ीरी आतंकी फ़ायदा उठा रहे हैं, ताकि इस देश के दक्षिणी भाग पर अपना नियंत्रण कर सकें। (MAQ/N)

 

 

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Dec १८, २०१६ १३:२६ Asia/Kolkata
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