• बिनयामिन नेतनयाहू
    बिनयामिन नेतनयाहू

ज़ायोनी प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ इस्राईल के संबंध का फिर से मूल्यांकन करेंगे क्योंकि सुरक्षा परिषद ने अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने का प्रस्ताव पारित किया है।

नेतनयाहू ने शनिवार को कहा, “हमने विदेश मंत्रालय को एक महीने के भीतर संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ हमारे सभी संपर्क का मुल्यांकन पूरा करने का निर्देश दिया है।”

ज्ञात रहे शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव नंबर 2334 पारित हुआ। इस प्रस्ताव के पक्ष में 14 मत पड़े जबकि अमरीका अपनी पुरानी परंपरा के विपरीत मतदान में शामिल नहीं हुआ। इस प्रस्ताव में अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में इस्राईल की  अवैध बस्तियों के निर्माण की अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के खुले उल्लंघन के रूप में निंदा की गयी। इसी प्रकार इस्राईल की अवैध बस्तियों के निर्माण की कार्यवाही को एक फ़िलिस्तीनी देश के गठन और शांति की व्यवहारिकता को ख़तरे में डालने वाली कार्यवाही की संज्ञा दी गयी है।

ग़ौरतलब है कि 1967 में पूर्वी अलक़ुद्स और पश्चिमी तट पर इस्राईल के अतिग्रहण के बाद से अब तक इन इलाक़ों में 230 अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया गया है जिसमें 5 लाख से ज़्यादा ज़ायोनी रहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस्राईल की कॉलोनियों के निर्माण की कार्यवाही को अवैध मानता है क्योंकि ये कॉलोनियां फ़िलिस्तीनियों की ज़मीनों पर बनायी गयी हैं।

नेतनयाहू ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के बारे में आगे कहा, “लिया गया फ़ैसला लज्जाजनक व पक्षपातपूर्ण है जिसका हम विरोध करेंगे। हमनें संयुक्त राष्ट्र संघ की 5 संस्थाओं को दिए जाने वाले लगभग 63 लाख पाउंड के फ़न्ड को रोकने का आदेश दिया है। अभी और क़दम उठाना बाक़ी है।”

23 दिसंबर 2016 की इस तस्वीर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सदस्य देश इस्राईल के ख़िलाफ़ प्रस्ताव के लिए मतदान करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

 

नेतनयाहू ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने वीटो न करके संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यह प्रस्ताव पारित करने की इजाज़त दी। (MAQ/N)

 

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Dec २५, २०१६ ११:५४ Asia/Kolkata
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