लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि अमरीकाने संयुक्त राष्ट्र संघ को फंड देने से रोकने की धमकी देकर इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था को अपने सामने झुकाने का प्रयास किया है।

अलमनार टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के पश्चिमी एशिया के सामाजिक व आर्थिक आयोग ने रिपोर्ट जारी की थी जिसमें फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध इस्राईल के अपराधों को उजागर किया गया था किन्तु अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र संघ पर दबाव डालकर इस रिपोर्ट को वापस लेने पर विवश कर दिया और इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने भी पीछे हटते हुए अपनी अक्षमता और अयोग्यता का प्रमाण पेश कर दिया।

हिज़्बुल्लाह के प्रमुख ने कहा कि सीरिया में क़ानूनी सरकार के विरुद्ध युद्ध के समस्त वित्तीय ख़र्चे अरब देशों से पूरे किए गये जबकि अरब देश अपनी संपत्ति को बैतुल मुक़द्दस की जनता के स्थायित्व और ग़ज़्ज़ा के पुनर्निमाण में सहायता के रूप में प्रयोग कर सकते थे। उनका कहना था कि समस्त क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों ने सीरिया के विरुद्ध षड्यंत्र तैयार किए किन्तु फिर भी वह अपने किसी लक्ष्य में सफल न हो सके।

यह बयान इस बात का सूचक है कि क्षेत्र विशेषकर सीरिया की वर्तमान स्थिति, अमरीका और ज़ायोनिज़्म  के गहरे षड्यंत्रों का चिन्ह है। अमरीका और उसके घटक, आतंकवादियों को सीरिया लाए ताकि प्रतिरोध के केन्द्र से संघर्ष करें और उन्होंने इसको स्वीकार भी किया है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि दाइश और नुस्रा फ़्रंट, क्षेत्र में अमरीका, इस्राईल और  उनके घटकों के लक्ष्यों को व्यवहारिक बनाने की शाखा है। (AK)

Mar १९, २०१७ १५:५० Asia/Kolkata
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