जुलाई 2006 में इस्राईल और हिज़्बुल्लाह के बीच 33 दिवसीय युद्ध में इस्राईली सेना ने पहली बार हार का स्वाद चखा और हिज़्बुल्लाह की सैन्य ताक़त को स्वीकार किया।

इस्राईली सेना का नेतृत्व करने वाले ज़ायोनी सैन्य प्रमुख जनरल बैनी गैंन्ट्ज़ ने लेबनानी प्रतिरोधी आंदोलन हिज़्बुल्लाह की सैन्य शक्ति का लोहा मानते हुए कहा था कि इस संगठन की सैन्य शक्ति विश्व के अनेक विकसित देशों से कहीं अधिक है।

 

इस्राईली सेना आईडीएफ़ के पूर्व प्रमुख गैन्ट्ज़ ने वार्षिक हेर्ज़लिया कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था कि "विश्व में केवल चार या पांच विकसित देश ही हिज़्बुल्लाह से सैन्य रूप से अधिक शक्तिशाली हैं, अमरीका, चीन, रूस इस्राईल, फ़्रांस और ब्रिटेन।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि हमारे लिए एक बुरी ख़बर यह है कि हिज़्बुल्लाह कई मोर्चों पर लड़ते हुए भी अपनी शक्ति में वृद्धि कर रहा है और सामरिक अनुभव को बढ़ा रहा है, एक दिन हमें इस चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि 2014 में इस्राईली सैन्य प्रमुख ने हिज़्बुल्लाह की सैन्य शक्ति का लोहा माना था, अब 2017 में सीरिया में दाइश समेत ख़ूंख़ार तकफ़ीरी आतंकवादी गुटों के ख़िलाफ़ लड़ते हुए हिज़्बुल्लाह कहीं अधिक अनुभवि एवं शक्तिशाली सैन्य संगठन हो चुका है। msm

 

Jul १६, २०१७ १६:५२ Asia/Kolkata
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